अकोला: पातुर में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा पुल, घटिया निर्माण कार्य उजागर; ग्रामीणों में आक्रोश
Patur Tehsil News: अकोला के पातुर में निर्माणाधीन पुल का हिस्सा ढहने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों ने ठेकेदार और अभियंता पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए निलंबन की मांग की है।
- Written By: रूपम सिंह
पातुर निर्माणाधीन पुल, (सौजन्य- नवभारत)
Akola Construction Quality Issues: अकोला पातुर तहसील के पहाडसिंगी डोणगाव मार्ग पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। इस गंभीर घटना ने प्रशासन की लापरवाही और घटिया कामकाज को उजागर कर दिया है।
पुल का काम शुरू रहते ही हिस्सा गिरने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। ग्रामस्थों का आरोप है कि अभियंता स्थल पर अनुपस्थित रहते हैं और पूरा काम केवल सुपरवाइज़र के भरोसे चल रहा है। पुल निर्माण में लोहे का अत्यंत कम उपयोग तथा निकृष्ट सामग्री का प्रयोग कर लाखों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। देखरेख के अभाव और अभियंता की अनुपस्थिति के कारण पुल का काम लापरवाह तरीके से किया जा रहा है।
नागरिकों का आक्रोश सामाजिक कार्यकर्ता नीलेश कापकर, राहुल गवई और ग्रामस्थों ने शनिवार को प्रशासन के खिलाफ तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अभियंता, ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई की – मांग की। नागरिकों का कहना है कि निकृष्ट काम के कारण भविष्य में बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
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निलंबन की कार्रवाई होनी चाहिए
इस संदर्भ में सामाजिक कार्यकर्ता नीलेश कापकर से पूछने पर उन्होंने बताया कि, निर्माणाधीन पुल का हिस्सा काम शुरू रहते ही गिरना अत्यंत गंभीर है। ठेकेदार और अभियंता की मिलीभगत से निकृष्ट दर्जे का काम कर सरकार के लाखों रुपये हड़पने का मामला है। इस पर उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर ठेकेदार का लाइसेंस रद्द और अभियंता पर निलंबन की कार्रवाई होनी चाहिए, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।
अभियंता की अनुपस्थिति, वरिष्ठों की अनदेखी जिले के अतिदुर्गम भागों को बुलढाना अकोला जिले से जोड़ने के लिए पुल निर्माण हेतु सरकार ने लाखों रुपये का निधि उपलब्ध कराया। लेकिन अभियंता की अनुपस्थिति और वरिष्ठों की अनदेखी के कारण सरकार का निधि व्यर्थ जा रहा है। पुल का हिस्सा ढहने की घटना ने प्रशासन की लापरवाही और ठेकेदार अभियंता की मिलीभगत को उजागर कर दिया है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
