Akola Election Campaign: अकोला मनपा चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Akola Municipal Election: अकोला महानगरपालिका चुनाव अब अपने असली रंग में नजर आने लगा है। सभी राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी घर-घर जाकर जोरदार प्रचार शुरू कर दिया है। प्रभाग के विकास के लिए खुद को सबसे बेहतर विकल्प साबित करने की कोशिश में उम्मीदवार मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं। इस बीच मतदाताओं का रुझान पूर्व पार्षदों की बजाय नए चेहरों की ओर अधिक दिखाई दे रहा है।
पहले पार्षद रह चुके उम्मीदवार अपने पुराने कार्यों का लेखा-जोखा पेश कर एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरे हैं। वे अपने कार्यकाल के उदाहरण देकर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं, लेकिन मतदाताओं का मूड कुछ अलग नजर आ रहा है। कई स्थानों पर पुराने उम्मीदवारों को अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिल रहा है। चर्चा है कि इस बार मतदाता नए उम्मीदवारों की ओर अधिक आकर्षित हैं। दूसरी और तीसरी बार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के प्रति मतदाताओं में नाराजगी भी झलक रही है।
पूर्व पार्षद विकास का दावा कर रहे हैं, लेकिन मतदाताओं को यह तर्क खास रास नहीं आ रहा है। इसके विपरीत, पहली बार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से मतदाताओं को सकारात्मक उम्मीदें जुड़ी हैं और बदलाव की आशा रखने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।
चुनावी प्रचार के दौरान कुछ नागरिक साफ कह रहे हैं कि उम्मीदवार कौन है, यह उनके लिए मायने नहीं रखता, वे अपना मत अपने दल को ही देंगे। इससे स्पष्ट होता है कि कई मतदाताओं में पार्टी के प्रति निष्ठा अब भी मजबूत बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर, मूलभूत समस्याओं से त्रस्त कुछ जागरूक मतदाता अलग रुख अपनाते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि मत दल को नहीं, बल्कि उस उम्मीदवार को दिया जाना चाहिए जो उनकी समस्याओं पर काम कर सके। ऐसे मतदाता पार्टी निष्ठा से अधिक उम्मीदवार की प्रामाणिकता और कार्यक्षमता को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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