

Akola Municipal Corporation General Body Meeting: विभिन्न मुद्दों को लेकर मंगलवार को हुई अकोला महानगरपालिका की सामान्य सभा काफ़ी हंगामेदार रही। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कई विषयों पर तीखी बहस हुई। विपक्ष ने सत्ताधारियों और प्रशासन पर सवाल उठाए, वहीं सत्ता पक्ष ने भी आरोपों का जवाच देते हुए अपना पक्ष मजबूती से सभा की शुरुआत पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि से हुई।
इसके बाद प्रभाग क्र।6 स्थित सोनी कॉलोनी में सरफेस इंटीरियर से जॉकी शोरूम तक सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस दौरान विरोधी पक्ष के नेता डा। जीशान हुसैन ने मनपा के अभियंता अजय गुजर से सवाल करते हुए दावा किया कि संबंधित सड़क पहले से ही निर्मित है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में जीपीएस फोटो भी सदन के समक्ष प्रस्तुत किए, इस पर स्थायी समिति सभापति विजय अग्रवाल ने विस्तृत स्पष्टीकरण देते हुए विषय का समाधान किया।
सभा का सबसे चर्चित विषय मेसर्स मालानी कंबाइन द्वारा निर्मित बेघर आश्रय केंद्र के शेष भुगतान का रहा। ठेकेदार को देय राशि के भुगतान संबंधी नोटिस पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष आमने-सामने आ गए। विपक्षी सदस्यों ने भुगतान को लेकर आपत्ति दर्ज की और इस पर विस्तृत चर्चा की मांग की।
सत्ता पक्ष की ओर से स्थायी समिति सभापत्ति विजय उसावाल ने कहा कि बेघर आश्रय केंद्र का निर्माण केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत किया गया था और राज्य में सबसे पहले अकोला में यह परियोजना पूर्ण हुई थी। निधि उपलब्ध नहीं होने के कारण केंद्र सरकार ने मनपा को पत्र भेजकर ठेकेदार का शेष भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार स्तर से भुगतान करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं तो मनपा को उनका पालन करना होगा।
विपक्ष की मांग पर ठेकेदार को लगभग 4 करोड़ 35 लाख रुपये के भुगतान के प्रस्ताव पर मतदान कराया गया। मतदान में 42 सदस्यों ने प्रस्ताव के समर्थन में हाथ उठाकर मतदान किया, जबकि 27 सदस्यों ने इसका विरोध किया। एक सदस्य तटस्थ रहा। बहुमत मिलने के बाद प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। सभा की अध्यक्षता महापौर शारदा खेडकर ने की। इस अवसर पर स्थायी समिति सभापति विजय अग्रवाल, उपमहापौर अमोल गोगे, आयुक्त डा. सुनील लहाने, अनिल बिडवे सहित अधिकारी और पार्षद बड़ी संख्या में उपस्थित थे।