अकोला चुनाव में AIMIM की एंट्री से कांग्रेस की बढ़ी मुश्किल? जानिए पूरा समीकरण
Akola News: अकोला महानगरपालिका चुनाव में AIMIM की आक्रामक एंट्री से कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक पर असर की चर्चा तेज है। हालांकि कांग्रेस शांत रणनीति और मजबूत नेतृत्व के साथ मुकाबले में डटी हुई है।
- Written By: आकाश मसने
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Akola Municipal Corporation Elections: अकोला महानगरपालिका की आम चुनावी जंग निर्णायक मोड़ पर पहुंचते ही कांग्रेस के सामने एक नई राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की आक्रामक एंट्री से कांग्रेस के पारंपरिक मतदाताओं में मत विभाजन की संभावना हो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एआईएमआईएम के कारण कुछ प्रभागों में कांग्रेस प्रत्याशियों की लीड प्रभावित हो सकती है। शहर के कई प्रभागों में अल्पसंख्यक मतदाताओं का दबदबा है। इन सभी क्षेत्रों में मतदाताओं का रुझान कांग्रेस के पक्ष में है, इस बार एआईएमआईएम ने कई स्थानों पर उम्मीदवार उतारकर आक्रामक प्रचार शुरू कर दिया है।
इस तरह कहा जा रहा है कि, हम ही अल्पसंख्यकों के हिमायती हैं इस दावे के साथ एमआईएम लगातार मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। इन सभी क्षेत्रों में मतदाता पूरी तरह से शांति के साथ उनके चुनाव प्रचार को सुन रहा है। क्यों कि अल्पसंख्यक क्षेत्रों में कांग्रेस द्वारा भी बहुत ही सोच समझकर रणनीति बनाकर उम्मीदवार उतारे गए हैं।
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कांग्रेस का शांतिपूर्ण प्रचार
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अकोला मनपा चुनाव में कांग्रेस और AIMIM की लड़ाई केवल सीटों की नहीं, बल्कि नेतृत्व और विश्वसनीयता की है। वैसे भी इस बार सिर्फ अल्पसंख्यक क्षेत्रों में नहीं बल्कि पूरे शहर में कांग्रेसियों का उत्साह बढ़ा हुआ है क्यों कि, अकोला पश्चिम वि।स। चुनाव क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के साजिद खान पठान विधायक हैं और उनके मार्गदर्शन में कांग्रेस प्रत्याशी पूरे आत्मविश्वास के साथ इन सभी क्षेत्रों में चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। यह देखते हुए ऐसा लगता है कि, एमआईएम, कांग्रेसी मतदाताओं को बहुत अधिक प्रभावित कर पाएगी ऐसा नहीं है।
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अन्य दलों के लिए अवसर
दूसरी ओर, सत्ताधारी और विपक्षी अन्य दल इस स्थिति को अवसर के रूप में देख रहे हैं। इन दलों को लग रहा है कि, कांग्रेस का वोट बैंक पूरी तरह से बंट जाएगा और इसका सीधा फायदा अन्य दलों को मिलेगा लेकिन ऐसी स्थिति नहीं है। हां कुछ प्रभागों में कांटे की टक्कर जरूर होगी।
पिछली चुनावी सफलता से बढ़ा उत्साह
अकोला जिले में हाल ही में संपन्न हुई नगरपालिका और नगरपंचायत चुनावों में एमआईएम ने कई स्थानों पर अपनी ताकत दिखाई है। वहीं नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन ठीक रहा है।
