

Highlights:
अकोला MIDC को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए काटेपूर्णा परियोजना से स्वतंत्र पाइपलाइन बिछाने की योजना मंजूर हुई।
अधिकांश पाइपलाइन बिछ चुकी है, लेकिन करीब 2 किलोमीटर का काम लंबित है।
पहले अनुमति नहीं मिलने से काम रुका था। मंजूरी मिलने के बाद भी काम दोबारा शुरू नहीं हो सका।
Akola Industrial Area: अकोला औद्योगिक क्षेत्र (एमआईडीसी) को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अकोला से काटेपूर्णा परियोजना तक स्वतंत्र पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था। इसके लिए 33 करोड़ रु. की निधि मंजूर हुई, लेकिन पाइप लाइन का अधिकांश काम पूरा होने के बावजूद शेष काम पिछले तीन वर्षों से अटका है।
इसके कारण इस पाइप लाइन से एमआईडीसी को अब तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। काम पूरा करने में हो रही देरी से उद्यमियों में नाराजगी है। उन्होंने मांग की है कि पाइप लाइन का शेष काम इसी वर्ष पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
काटेपूर्णा बांध के जलसंग्रह का 11 प्रश हिस्सा अकोला एमआईडीसी और अकोला विकास केंद्र के उद्योगों के लिए आरक्षित रखा गया है। इन उद्योगों को नियमित पानी उपलब्ध कराने के लिए बांध से स्वतंत्र पाइप लाइन बिछाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया था।
योजना के तहत अधिकांश पाइप लाइन बिछा दी गई, लेकिन लगभग 2 कि.मी. का काम वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण रुक गया था। बाद में वन विभाग ने इस काम को मंजूरी दे दी। दोबारा शुरू नहीं हो सका। आरोप है कि काम बंद होने के बाद इसे फिर से शुरू करने के लिए प्रशासन ने भी कोई ठोस पहल नहीं की। परिणामस्वरूप पिछले तीन वर्षों से पाइप लाइन का काम अधूरा पड़ा है।
एमआईडीसी क्षेत्र में हर तीन से चार साल के अंतराल पर पानी की कमी की समस्या सामने आती है। पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने से नए उद्योग शुरू करने के इच्छुक उद्यमी भी हिचकिचाते हैं। वहीं, पहले से संचालित उद्योगों को भी बार-बार पानी की कमी का सामना करना पड़ता है।
इससे औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका बनी रहती है। उद्यमियों का कहना है कि काटेपूर्णा प्रकल्प से स्वतंत्र पाइप लाइन शुरू होने पर औद्योगिक क्षेत्र को पानी का एक अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध होगा। इससे बार-बार पैदा होने वाली जलकिल्लत से राहत मिलने की उम्मीद है।
अकोला इंडस्ट्रीज एसो. की ओर से पाइप लाइन का अधूरा काम पूरा करने की मांग कई बार एमआईडीसी प्रशासन के सामने रखी गई। हालांकि, उद्यमियों के अनुसार इन मांगों पर अब तक ध्यान नहीं दिया गया है। उद्यमियों ने माग की है कि संबंधित प्रशासन शेष 2 कि. मी. पाइप लाइन का काम प्राथमिकता से पूरा करे, ताकि इस वर्ष ही पाइप लाइन के माध्यम से पानी की आपूर्ति शुरू हो सके और उद्योगों को भविष्य में पानी की कमी से जूझना न पड़े।