

Nagpur Tragic Drowning Incident: नागपुर जिले में हृदयविदारक घटना छुट्टी का आनंद लेने के लिए कन्हान नदी स्थित महादेव घाट पहुंचे एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब नदी में डूब रहे 6 वर्षीय एक मासूम को बचाने के प्रयास में दो युवकों समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। जानकारी अनुसार कामठी और नागपुर के रिश्तेदारों का 12 से 13 लोगों का एक समूह रविवार को महादेव घाट क्षेत्र में पिकनिक मनाने पहुंचा था।
समूह में महिलाएं, पुरुष, युवक-युवतियां और बच्चे शामिल थे। सभी लोग नदी किनारे आनंदपूर्वक समय बिता रहे थे, तभी 6 वर्षीय चैतन्य बबलू अंबादे अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। मासूम को बचाने के लिए उसके चचेरे भाई गौतम राजकुमार अंबादे (31) ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। हालांकि नदी की गहराई का सही अनुमान नहीं होने के कारण गौतम भी पानी में फंसकर डूबने लगे। यह देखकर गौतम के बहनोई रोहित कैलास नागदेवे (33) दोनों को बचाने के लिए नदी में कूद पड़े। दुर्भाग्यवश तेज बहाव और गहरे पानी के कारण तीनों नदी में समा गए।
नदी में डूबे तीनों मृतकों की पहचान हो गई है। उसमें रोहित कैलास नागदेवे (33) कुंभारे कॉलोनी, कामठी, गौतम राजकुमार अंबादे (31), इंदिरा नगर, जरीपटका, नागपुर तथा चैतन्य बबलू अंबादे (6) इंदिरा नगर, जरीपटका नागपुर निवासी शामिल हैं। पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। इस दर्दनाक हादसे से मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना की सूचना मिलते ही कामठी पुलिस, स्थानीय प्रशासन और बड़ी संख्या में नागरिक मौके पर पहुंच गए। गोताखोरों की मदद से काफी प्रयास के बाद तीनों के शय नदी से बाहर निकाले गए, इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए कामठी के शासकीय उपजिला अस्पताल भेजा गया।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर और महादेव घाट क्षेत्र में गमगीन माहौल देखने को मिला। इस हादसे ने उपस्थित लोगों को झकझोर कर रख दिया।
गौरतलब है कि गर्मी की छुट्टियों और मानसून की शुरुआत के दौरान बड़ी संख्या में लोग नदी, तालाब और जलाशयों के आसपास पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। ऐसे में जलाशयों के निकट जाते समय आवश्यक सावधानी बरतना और बच्चों पर विशेष निगरानी रखना अत्यंत आवश्यक है। महादेव घाट की यह दुखद घटना एक बार फिर जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा उपायों की महत्ता को रेखांकित करती है।