अकोला में जलसंकट की आहट, काटेपूर्णा बांध में सिर्फ 22.43% जल भंडारण शेष
Akola City Water Crisis: अकोला में काटेपूर्णा बांध का जल स्तर 22.43% रहने से जलसंकट गहराया। मनपा द्वारा 5वें-6ठें दिन जलापूर्ति से नागरिक परेशान; जरूरत पर टैंकरों से होगी सप्लाई।
- Written By: केतकी मोडक
काटेपूर्णा बांध फाईल फोटो (सोर्स - Instagram apla.akola)
Akola Katepurna Dam Water Level: भीषण गर्मी, उमस और लगातार बढ़ते तापमान के कारण शहर में जल संकट की स्थिति आनेवाले समय में धीरे-धीरे गंभीर हो सकती है। अकोला शहर को महान गांव स्थित काटेपूर्णा बांध से जलापूर्ति की जाती है। इस समय काटेपूर्णा बांध में जल भंडारण लगातार घट रहा है। वर्तमान समय में काटेपूर्णा बांध में केवल 22.43 प्रतिशत जल भंडारण शेष बचा है, देखा जाए तो पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जल भंडारण ठीक है।
पिछले वर्ष इन्हीं दिनों में काटेपूर्णा बांध में 14.18 प्रश जल भंडारण था। उस अनुसार स्थिति ठीक है। जल उपलब्धता कम होने के कारण अकोला मनपा को जल वितरण में इस समय कटौती करनी पड़ रही है। बांध में पानी की कमी होने के कारण शहर में पांचवें दिन नलों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस कारण इन भीषण गर्मी के दिनों में हजारों नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक कठिनाई उन परिवारों को हो रही है जो पूरी तरह मनपा द्वारा की जानेवाली जलापूर्ति पर निर्भर हैं। ऐसे लोगों को 5 दिनों के लिए पेयजल और घरेलू उपयोग का पानी एक साथ संग्रहित करना पड़ता है। कुछ क्षेत्रों में तो छठवे दिन भी जलापूर्ति होती है। घरों में सीमित स्थान होने के कारण कई परिवारों को पानी के भंडारण करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि जिस दिन नलों से पानी आता है, उस दिन उन्हें अपने अन्य कार्य छोड़कर पानी भरने में समय लगाना पड़ता है।
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कई बार निर्धारित समय में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से समस्या और बढ़ जाती है। हालांकि कुछ परिवारों के पास बोरवेल, हैंडपंप या इलेट्रिक पंप जैसे वैकल्पिक जल स्रोत उपलब्ध हैं, लेकिन केवल नल जलापूर्ति पर निर्भर लोगों की स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है।
सिटी में जरूरत पड़ने पर टैंकरों से की जाएगी जलापूर्ति
अकोला मनपा सभापति, अकोला समितिविजय अग्रवाल ने कहा है की “बाप्पीकरण के कारण काटेपूर्णा बांध का पानी दिन प्रतिदिन कम होता जा रहा है। लेकिन फिर भी पिछले वर्ष की तुलना में स्थिति ठीक है। उन्होंने कहा कि, सभी लोगों का काम है कि पानी का उपयोग बहुत ही संभालकर करें। फिर भी शहर के किसी भी क्षेत्र में यदि पानी समस्या उत्पन्न होती है तो वहां मनपा प्रशासन द्वारा टैंकर से जलापूर्ति की जाएगी।”
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भूजल स्तर में आई गिरावट
- इस बीच शहर के कई क्षेत्रों से भूजल स्तर में गिरावट की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। नागरिकों के अनुसार उनके निजी बोरवेल और इलेट्रिक पंपों में भी पानी का स्तर कम हो गया है।
- परिणामस्वरूप कई इलाकों में वैकल्पिक स्रोतों से भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। भीषण गर्मी के चलते लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के पानी की व्यवस्था तो किसी तरह करनी पड़ रही है, लेकिन कूलर के लिए पानी जुटाना मुश्किल हो गया है।
