सौर ऊर्जा पर अतिरिक्त शुल्क से उद्योगों में असंतोष; अकोला इंडस्ट्री एसोसिएशन ने CM Fadnavis को भेजा पत्र
Akola Industry Association: अकोला इंडस्ट्री एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजकर सौर ऊर्जा नीति के तहत उद्योगों पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी दी है।
Akola CM Devendra Fadnavis: अकोला इंडस्ट्री एसोसिएशन ने राज्य सरकार की सौर ऊर्जा नीति से उद्योग क्षेत्र पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजा है। इस पत्र पर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज खंडेलवाल के हस्ताक्षर हैं।
पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, लेकिन महाराष्ट्र सरकार द्वारा लागू किए गए कुछ प्रावधान उद्योगों के लिए बाधक बन रहे हैं। वर्तमान में सौर ऊर्जा उत्पादन पर प्रति यूनिट 1.96 रु. एलटी ग्राहकों के लिए और 1.42 रु। एचटी ग्राहकों के लिए अतिरिक्त ग्रिड सपोर्ट चार्ज वसूला जा रहा है।
यह शुल्क अत्यधिक है और उद्योगों को सौर ऊर्जा अपनाने से रोक रहा है। सरकार पर किया भरोसाएसोसिएशन ने बताया कि राज्य के कई उद्योगों ने सरकार की नीति पर भरोसा कर बड़े पैमाने पर निवेश कर रूफटॉप सौर ऊर्जा प्रकल्प स्थापित किए थे। लेकिन बाद में लगाए गए अतिरिक्त शुल्कों से इन परियोजनाओं का आर्थिक लाभ घट गया है और कई प्रकल्प घाटे में जा रहे हैं।
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पहले से निवेश कर चुके उद्योगों पर इस तरह का आर्थिक बोझ डालना अन्यायपूर्ण है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि महाराष्ट्र एक औद्योगिक रूप से प्रगत राज्य है और यहां उद्योगों को सौर ऊर्जा की ओर प्रोत्साहित करना आवश्यक है। लेकिन वर्तमान नीति से उद्योगों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है और सौर ऊर्जा का स्वीकार घट रहा है।
मुख्यमंत्री से मांग अकोला इंडस्ट्री एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सौर ऊर्जा उत्पादन पर लगाए गए ग्रिड सपोर्ट चार्जेस को तुरंत रद्द किया जाए या उसमें उल्लेखनीय कमी की जाए। साथ ही, पहले से निवेश कर चुके उद्योगों को राहत देने के लिए विशेष सहूलियतें दी जाएं ताकि उद्योग सौर ऊर्जा की ओर आकर्षित हों और राज्य के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को गति मिले।
