अकोला में भीषण गर्मी का कहर; 45.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा पारा, दोपहर में सड़कें सूनी, हीटवेव का अलर्ट जारी
Akola News: अकोला में शनिवार को तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। विदर्भ क्षेत्र में गर्मी का मौसम अपने चरम पर है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है।
Akola Heatwave Temperature 45.6°C Summer 2026: अकोला शनिवार को संपूर्ण विदर्भ में अमरावती के साथ अकोला का तापमान सबसे आगे रहा। अधिकतम तापमान 45.6 डिसे पर पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान 26.5 डिसे रहा। इस तरह इस समय शहर तथा जिले में गर्मी का मौसम अपनी चरम सीमा पर है।
देखा जाए तो पिछले कुछ दिनों से यहां तापमान दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बुधवार को तापमान 43.07 डिसे तथा न्यूनतम तापमान 27.5 डिसे था और गुरुवार को को अधिकतम तापमान 44.3 डिसे तथा न्यूनतम तापमान 26.7 डिसे था और शुक्रवार को अधिकतम तापमान 45.0 डिसे और न्यूनतम तापममान 27.5 डिसे पर पहुंच गया।
इसी तरह शनिवार को तापमान 45.6 डिसे पर पहुंच गया। शायद इसी कारण से दोपहर के समय बाजारपेठ क्षेत्र सूने पड़े रहते हैं। तापमान और बढ़ने की संभावनामौसम विभाग के अनुसार आनेवाले दो से तीन दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है। इस तरह हर दिन तापमान में वृद्धि होती जा रही है।
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भीषण गर्मी को लेकर शहर के होमियोपैथी विशेषज्ञ संदीप चव्हाण धूप लगने से बीमार कई लोगों का सफल इलाज कर चुके हैं। और तो और कोरोना महामारी के समय भी उन्होंने काफी जनसेवा की थी। हाल ही में उन्होंने एक शाला के संपूर्ण विद्यार्थियों में इस दवा का निशुल्क वितरण भी किया है जिससे विद्यार्थियों का उष्माघात से बचाव हो सके।
होमियोपैथी में धूप से बचने के लिएअनेक दवाईयां उपलब्ध चव्हाणहोमियोपैथिक विशेषज्ञ संदीप चव्हाण ने कहा कि, होमियोपैथी में धूप से बचने के लिये एक नहीं अनेक दवाईयां हैं, जैसे की हमने कोरोना जैसी बीमारी के समय देखा था और उसके पहले भी अलग अलग महामारियों के समय आजमाया है।
इसलिये प्रतिबंधात्मक यानि की बीमारी होने के पहले ही उसकी रोक थाम करने के लिये उष्माघात प्रतिबंधात्मक होमिओपॅथीक सनकुल दवाई का इस्तेमाल जरूर करें और धूप से होनेवाली हानि से बचें।
दवाई लेना बहुत आसानउन्होंने कहा कि
- होमियोपैथी की यह दवाई लेना बहुत आसान हैं। दिन भर में बीमारी के अनुसार चार गोलियां दिन में दो से तीन बार लेनी पड़ती हैं।
- विशेष बात इन होमियोपैथिक दवाओं का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। वे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों में दवाओं का निशुल्क वितरण करते हैं।
