Akola Hanuman Janmotsav News: अकोला चैत्र मास की पूर्णिमा गुरुवार 2 अप्रैल को हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग के संयोग में श्रद्धालु हनुमान जन्मोत्सव मनाएंगे।
इस अवसर पर श्रद्धालु स्नान, व्रतउपवास, पूजापाठ और दानपुण्य करेंगे। गुरुवार को स्नानदान की पूर्णिमा उदयाव्यापिनी तिथि में होगी। गुरुवार को श्रद्धालु हनुमानजी की पूजा करेंगे। कई घरों में हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन होगा।
भक्तजन अतुलित बलधामं हेमशैलाभदेहम्स्तुति का पाठ कर बल, बुद्धि और साहस की कामना करेंगे। साथ ही बजरंग बाण, सुंदरकांड पाठ और ध्वज दान के साथ हनुमानजी को तेलसिंदूर और रोट प्रसाद अर्पित किया जाएगा।
चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव का यह संयोग श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन पूजापाठ, दानपुण्य और भक्ति से जीवन में सुखसमृद्धि, बल, बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होगी।
चैत्र पूर्णिमा हिंदू नववर्ष की पहली पूर्णिमा है, जिसे मधु पूर्णिमा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों और तीर्थों में स्नान तथा दानपुण्य से कष्ट दूर होते हैं और सुखसमृद्धि की प्राप्ति होती है।
चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती का संयोग श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत शुभ है। पूर्णिमा तिथि पूरे दिन, शुभ योग सुबह 0541 से 0714 बजे तक, अभिजित मुहूर्त 1128 से 1218 बजे तक, चरलाभअमृत योग 1020 से 259 बजे तक मुहूर्त रहेगा।
कर्नाटक में है हनुमानजी का जन्मस्थान। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कर्नाटक के हंपी स्थित मतंग पर्वत पर मतंग ऋषि के आश्रम में हनुमानजी का जन्म हुआ था। हंपी का प्राचीन नाम पंपा था, जहां प्रभु श्रीराम और हनुमानजी की पहली भेंट हुई थी।
हनुमानजी को भगवान शिव का 11वां रुद्र अवतार माना जाता है। वे किष्किंधा नरेश सुग्रीव के महामंत्री और श्रीराम के परम भक्त थे।