

Akola Hospital Twin Babies Death Case: अकोला शहर के सरकारी जिला महिला अस्पताल में कथित लापरवाही और अव्यवस्थित कार्यप्रणाली के कारण दो नवजात जुड़वां शिशुओं की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने और गलत चिकित्सा पद्धति अपनाए जाने के कारण मां ने अपने दोनों बच्चों को खो दिया।
इस घटना से आक्रोशित परिजनों, सम्राट अशोक सेना के पदाधिकारियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंचकर तीव्र विरोध प्रदर्शन किया।
घटना के संबंध में जवाब मांगने के लिए आंदोलनकारी जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कक्ष में पहुंचे, तो वहां कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। इससे प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया। उन्होंने अधिकारी के कक्ष के बाहर ही धरना देते हुए अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
परिजनों के अनुसार, एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अकोला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के दौरान स्थिति संवेदनशील होने के बावजूद चिकित्सकीय कर्मचारियों और डॉक्टरों ने उसकी स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उनका आरोप है कि समय पर आवश्यक उपचार नहीं मिलने से ही जुड़वां शिशुओं की मौत हुई है। प्रदर्शनकारियों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, जांच में दोषी पाए जाने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करने तथा उनका चिकित्सा लाइसेंस रद्द करने की मांग भी की गई है।
प्रदर्शन के दौरान सम्राट अशोक सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि दो मासूम बच्चों की मौत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों का अस्पताल में मौजूद न रहना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो अकोला जिले में व्यापक आंदोलन के साथ-साथ 'जेल भरो' आंदोलन शुरू किया जाएगा।
दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि घटना की जांच के लिए एक आंतरिक जांच समिति गठित की जा रही है। शिशुओं की मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के बाद, जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।