अकोला जीएमसी प्रशासकीय इमारत (सौजन्य-नवभारत)
Government Medical College Akola: शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) अकोला में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की सीटों में वृद्धि होने की संभावना है। आगामी शैक्षणिक सत्र से 50 अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। वर्तमान में जीएमसी में 200 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया संचालित होती है।
राज्य सरकार ने एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के लिए महाविद्यालयों से प्रस्ताव मांगे थे। इसके अनुसार जीएमसी प्रशासन ने 50 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर अगले शैक्षणिक सत्र से जीएमसी में 250 विद्यार्थियों को एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलेगा।
अकोला में नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2002 में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना की गई थी। यह महाविद्यालय महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, नाशिक से संबद्ध है। स्थापना के बाद से ही जीएमसी अकोला विदर्भ क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण चिकित्सा शिक्षा और उपचार केंद्र माना जाता है।
प्रारंभ में महाविद्यालय से जुड़े सर्वोपचार अस्पताल के माध्यम से मरीजों को सेवा दी जाती थी और छात्रों को एमबीबीएस की शिक्षा दी जाती थी। बाद में सरकार ने जीएमसी का दर्जा बढ़ाकर यहाँ स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति दी। वर्तमान में यहाँ एमबीबीएस के साथ-साथ 22 विभिन्न शाखाओं में पीजी शिक्षा दी जाती है।
पिछले कुछ वर्षों में राज्य के विभिन्न जिलों में नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय शुरू किए गए हैं। इन नए महाविद्यालयों के लिए पुराने महाविद्यालयों से प्राध्यापक और सहयोगी प्राध्यापकों की बड़ी संख्या में बदली की गई है। इसका असर जीएमसी अकोला पर भी पड़ा है और यहाँ कई पद रिक्त हैं। इस स्थिति से विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होने की संभावना है।
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“अकोला शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में वर्तमान में 200 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। शासन ने 50 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव मांगा था, जो प्रस्तुत किया गया है। इस पर जल्द निर्णय होने पर जीएमसी में 250 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया संचालित होगी।”
अकोला सहित बुलढाना, वाशिम और अमरावती जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रयास करते हैं। सीमित सीटों के कारण कई विद्यार्थियों को निजी महाविद्यालयों का रुख करना पड़ता है, जहाँ शिक्षा का खर्च बहुत अधिक होता है। ऐसे में अकोला जीएमसी में 50 सीटों की वृद्धि विदर्भ के विद्यार्थियों के लिए राहतकारी साबित होगी।