

Waste Management Strike Resolved News: अकोला शहर में कचरा घंटा गाड़ी वाहन चालकों की जारी हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गयी है। विधायक रणधीर सावरकर के ठोस पहल और मध्यस्थी से इस विवाद का सकारात्मक समाधान निकला, जिससे नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। इस प्रकरण में महापौर शारदा खेडकर, पूर्व महापौर विजय अग्रवाल तथा उपमहापौर अमोल गोगे ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने वाहन चालकों की समस्याएं शांतिपूर्वक सुनकर संबंधित ठेकेदारों से विस्तृत चर्चा की और महत्वपूर्ण निर्णय घोषित किए। वाहन चालक संगठन की सभी प्रमुख मांगें मान्य कर ली गई। इसके बाद संगठन की ओर से घोषणा की गई कि सभी चालक नियमित रूप से काम पर उपस्थित होंगे और हड़ताल आधिकारिक रूप से वापस ले ली गई है।
पदाधिकारियों और घंटा गाड़ी चालक संगठन के बीच सकारात्मक वातावरण में चर्चा हुई और विवाद समाप्त हुआ। इस अवसर पर मनपा के अतिरिक्त आयुक्त सुमेध अलोणे, पार्षद मोहम्मद रफीक सिद्दीकी, पार्षद उषा विरक, स्वच्छता विभाग प्रमुख प्रशांत राजुरकर तथा संगठन के पदाधिकारी उपस्थित थे। शहर की स्वच्छता का प्रश्न मिटने से नागरिकों ने संतोष व्यक्त किया और प्रशासन की मध्यस्थी को सराहना मिली।
बैठक में यह आश्वासन दिया गया कि सभी घंटा गाड़ी वाहन चालकों को हर माह की दस तारीख तक नियमित वेतन दिया जाएगा। साथ ही नागरिकों को चालकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पहचान पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। चालकों ने भी शहर की स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई और कहा कि वे घर-घर जाकर रोजाना कचरा संकलन करेंगे, जिससे अकोला शहर स्वच्छ और सुंदर बना रहेगा। कचरा घंटा गाड़ी चालकों की हड़ताल समाप्त होने से अकोला के नागरिकों ने राहत की सांस ली है और प्रशासन की पहल को जनहित में सराहा है।