मृतक किसान पुत्र साजन चव्हाण (सौजन्य-नवभारत)
Akola Farmer Suicide: अकोला जिले के पातुर तहसील के मलकापुर तुलजापुर तहसील पातुर गांव में 20 वर्षीय किसान पुत्र साजन चव्हाण ने कर्ज का बोझ, लगातार फसल नहीं होने की स्थिति और पारिवारिक जिम्मेदारियों के दबाव में आत्महत्या कर ली। शवविच्छेदन के बाद गांव में शोकाकुल वातावरण में अंतिम संस्कार किया गया।
इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और चव्हाण परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। साजन चव्हाण का परिवार अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहा था। परिवार के पास कुल 5 एकड़ जमीन थी, जिसमें से 2 एकड़ गिरवी रखी गई थी। पिछले कई वर्षों से लगातार फसल न होने के कारण आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं बचा था। ऊपर से निजी साहूकारों का कर्ज बढ़ता जा रहा था।
साजन के पिता जन्म से दिव्यांग होने के कारण घर की सारी आर्थिक जिम्मेदारी उसी पर थी। कमाने वाला एकमात्र सदस्य वह परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। मातापिता और छोटी बहन का भरणपोषण उसी पर निर्भर था। इस वर्ष बहन का विवाह तय होने से खर्च की चिंता और बढ़ गई थी।
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खेती से अपेक्षित आय न मिलना, बढ़ते कर्ज, साहूकारों का दबाव और बहन के विवाह की चिंताइन सभी कारणों से साजन मानसिक रूप से टूट गया। अंततः उसने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया। इस घटना पर ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। उनका कहना है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि पीड़ित परिवारों को प्रत्यक्ष मदद दे।
कर्जमाफी, फसल बीमा और किसान परिवारों को तात्कालिक आर्थिक सहायता देने की मांग जोर पकड़ रही है। किसान आत्महत्याओं की बढ़ती संख्या सरकार और समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी उपाययोजना करना समय की मांग है। कैप्शन किसान पुत्र साजन चव्हाण।