-
गुरु, 2 जुलाई 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- Maharashtra »
- Wardha »
- Maharashtra Farmer Suicides Wardha 189 Cases In 11 Months
महाराष्ट्र किसान आत्महत्या: वर्धा जिले में 11 माह में 189 किसानों ने मौत को गले लगाया, देखें आंकड़ें
- Written By: प्रिया जैस
Farmer Death Statistics: वर्धा में किसान आत्महत्या का सिलसिला नहीं थमा। 2025 के 11 महीनों में 189 किसानों ने जान दी। पगडंडी सड़कें, दाम, सिंचाई और कर्ज संकट से हालात चिंताजनक।

किसान आत्महत्या (डिजाइन फोटो)
Wardha farmer suicides: किसान आत्महत्या प्रभावित ज़िले के रूप में काला धब्बा लग चुके वर्धा में किसान बेबस होकर मौत को गले लगा रहे हैं और यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। पिछले 25 वर्षों में किसानों की आत्महत्याएं रोकने में कोई सफलता नहीं मिली। साल 2025 में केवल 11 महीनों में ही 189 किसानों ने आत्महत्या का रास्ता चुना, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।
ज़िले में न पर्याप्त पगडंडी सड़कें हैं, न फसलों को उचित दाम, न परियोजनाओं से सिंचाई की सुविधा मिल सकी है। खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है और जीवन यापन दो गुना महंगा हो गया है। दूसरी ओर लगातार नाकाम फसलें और उससे बढ़ता कर्ज किसानों के गले का फंदा बन गया है।
जनवरी से नवंबर इन 11 महीनों में 189 किसानों की आत्महत्याओं की आधिकारिक दर्ज जानकारी सामने आई है।
महीने के आंकड़ें
इसमें जनवरी में 11, फ़रवरी 29, मार्च 17, अप्रैल 28, मई 15, जून 20, जुलाई 19, अगस्त 10, सितंबर 25, अक्टूबर 13 नवंबर में 15 आत्महत्याओं का समावेश है। ज़िले के लाखों किसान प्रकृति की मार, बाज़ार की लूट और सरकारी नीतियों के दंश से पूरी तरह पिस चुके हैं। किसानों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि खेती में दूरदर्शी नीति, कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देने वाली व्यवस्था, आवश्यक सुविधाएं और लाभदायक वातावरण कब मिलेगा?
सम्बंधित ख़बरें
वर्धा में 20 साल पुराण जर्जर बना खतरा, नागरिको ने की तुरंत मरम्मत की मांग
समृद्धि महामार्ग पर भीषण हादसा: कार-ट्रक की जोरदार टक्कर में 6 घायल, पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया
अमरावती में बच्चू कडू की बड़ी मांग; सरकार Kisan Karj Mafi Yojana में करें बदलाव
51 लाख करोड़ की इकॉनमी… पर हर 3 घंटे में एक किसान की मौत! जानें महाराष्ट्र के विकास का ये कड़वा सच
पगडंडी सड़कों की भयावह स्थिति
बरसात और बेमौसम बारिश में खेत तक पहुंचने में किसान और खेत मज़दूरों की हालत दयनीय हो जाती है। अभी तक जिले में मात्र 10 प्रतिशत पगडंडी सड़कों का ही उपयोगी खड़ीकरण हुआ है। सरकार ने कपास और सोयाबीन जैसे नगदी फसलों का समर्थन मूल्य तय किया है, लेकिन सरकारी खरीद तब शुरू होती है जब किसानों का आधे से अधिक माल व्यापारी खरीद चुके होते हैं, इस नीति पर किसानों की भारी नाराज़गी है। कृषि क्षेत्र से जुडे लोगों ने बातचीत में कहा कि आज तक की सरकारें किसानों की मूल समस्याएं सुलझाने में नाकाम रही हैं।
25 वर्षों में राहत राशि ‘जैसे की तैसी’
किसान की आत्महत्या के बाद उसके परिवार को सहारा देने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2001 से 1 लाख रुपये की सहायता राशि शुरू की थी। लेकिन पिछले 25 वर्षों में यह राशि बढ़ाई तक नहीं गई। महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है। स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरतों का खर्च आसमान छू रहा है, लेकिन सहायता राशि आज भी वही 1 लाख रुपये है।
यह भी पढ़ें – हम जीना चाहते है…नरखेड़ में हर महीने दो किसान दे रहे जान, बना सुसाइड केंद्र, आखिर कब जागेगी सरकार?
सत्ता व विपक्ष दोनों गंभीर नहीं
मोदी सरकार सत्ता में आने के बाद स्वामिनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार लागत आधारित डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने की गारंटी दी थी। बाद में कहा गया कि यह संभव नहीं है। फिर कहा कि उत्पादन दोगुना कर देंगे, लेकिन वह भी नहीं हुआ। सरकारी खरीद हमेशा तब शुरू होती है जब किसान अपनी उपज का आधे से अधिक हिस्सा व्यापारियों को बेच चुका होता है। सत्ताधारी और विपक्ष दोनों ही किसानों के मुद्दों पर गंभीर नहीं हैं।
किसान आत्महत्या तो हिमखंड का सिरा है, असल में पूरा कृषि क्षेत्र संकट में है। खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है, जीवन महंगा हो गया है। खैरात बांटने वाली योजनाएं किसानों की मूल समस्याएं हल नहीं कर सकतीं। सरकार ऐसी योजनाओं से देश में ‘ग़ुलामों की फ़ौज’ तैयार कर रही है।
- विजय जावंधिया, वरिष्ठ किसान नेता
Maharashtra farmer suicides wardha 189 cases in 11 months
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
भाजपा विधायक की कार को डंपर से कुचलने की कोशिश; ड्राइवर की सूझबूझ से बची जान, विधायक बोले- हत्या की साजिश थी
Jul 02, 2026 | 08:58 PM‘बारिश और तुम’ विक्की कौशल ने कैटरीना कैफ पर लुटाया प्यार, रोमांटिक फोटो ने जीता फैंस का दिल
Jul 02, 2026 | 08:50 PMपेट्रोल में एथेनॉल से घटता है माइलेज या बढ़ता है फायदा? सरकार ने पहली बार दिए बड़े आंकड़े, जानिए पूरा सच
Jul 02, 2026 | 08:50 PMसंभाजीनगर में अतिक्रमण नोटिसों पर सियासी बवाल, AIMIM ने मनपा पर लगाए एकतरफा कार्रवाई के आरोप
Jul 02, 2026 | 08:46 PMमुंब्रा में करंट से 17 साल की आलिया की मौत, महाराष्ट्र में मानसून की लापरवाही की बलि चढ़ीं ये मासूम जिंदगियां
Jul 02, 2026 | 08:44 PMबैंक खाता फ्रीज करने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त, कहा- वकील की फीस को अपराध की आय नहीं मान सकते
Jul 02, 2026 | 08:41 PMअयोध्या में नया मंदिर विवाद, फर्जी दस्तावेजों से कब्जे की हुई साजिश; चंपत राय पर लगे गंभीर आरोप
Jul 02, 2026 | 08:38 PMवीडियो गैलरी

Exclusive: हां.. मीनाक्षी नटराजन के केस के बारे में हमें सोर्स ने बताया था, हेमंत खंडेलवाल ने खोले कई राज
Jul 02, 2026 | 05:14 PM
पुणे मर्डर केस में नया मोड़! केतन का मजाक उड़ाने वाली फीमेल डॉक्टर 5 साल के लिए ब्लैकलिस्ट
Jul 01, 2026 | 11:00 PM
वाराणसी दालमंडी कॉरिडोर का रास्ता साफ, भारी फोर्स के बीच 5 मस्जिदों पर कार्रवाई शुरू; देखें VIDEO
Jul 01, 2026 | 10:45 PM
Atiq Ahmed: अतीक की जमीन पर बनेगा गरीबों का आशियाना, PDA लाने जा रहा प्लान; देखें VIDEO
Jul 01, 2026 | 10:34 PM
‘मरने के बाद कोई…’, सना खान के ‘कयामत’ वाले VIDEO ने इंटरनेट पर मचाया बवाल; सोशल मीडिया पर खूब हो रहा वायरल
Jul 01, 2026 | 08:43 PM
Indus Water Treaty: भारत की सिंधु जल स्ट्राइक से पाकिस्तान में डर! आने वाला है बड़ा संकट?-VIDEO
Jul 01, 2026 | 06:30 PM














