राशन कार्ड (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Akola e-Ration Card 2026: महाराष्ट्र में अब कागजी राशन कार्ड की जगह ई-राशनकार्ड शुरू की गई है। अकोला जिले में जनवरी 2026 के अंत तक कुल 4,56,190 राशन कार्ड धारक हैं, जिनमें से 52,063 लाभार्थियों को ई-राशनकार्ड वितरित किए गए हैं। इसमें नए और पुराने दोनों प्रकार के कार्ड बदले गए हैं। अब राशन कार्ड का शत प्रतिशत डिजिटलीकरण हो चुका है।
भौतिक कार्ड की छपाई बंद कर दी गई है और ई-राशनकार्ड व ई-केवाईसी को अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी न करने पर राशन बंद हो सकता है या नाम हटाया जा सकता है। जिले में 52 हजार से अधिक लाभार्थियों को ई-राशनकार्ड दिए गए हैं, जिससे राशन कार्ड से जुड़ा काम आसान हुआ है। हालांकि, फर्जी कार्ड वितरण का मामला सामने आने से जांच भी शुरू हो गई है।
मुख्य बिंदु :
मिशन सुधार के तहत अपात्र और फर्जी कार्डधारकों के नाम हटाए जा रहे हैं। 99% से अधिक राशन कार्ड आधार से जुड़े हैं। वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के तहत प्रवासी मजदूर देशभर में कहीं भी राशन ले सकते हैं। 2025 से पात्र परिवारों को सीधे लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रति माह 1000 मिलने की संभावना है। एक ही व्यक्ति के नाम कई जगह दर्ज होने पर उसे हटाया जा रहा है और नोटिस भेजी जा रही है।
जिले में बनावट ई-राशनकार्ड का मामला सामने आया है। आरोप है कि आपूर्ति विभाग के दलालों ने फर्जी दस्तावेज, नकली हस्ताक्षर और सील का उपयोग कर कार्ड बांटे। इस पर तहसील स्तर पर जांच शुरू है।
यह भी पढ़ें – क्या आपने देखा नितिन गडकरी का ‘ड्रीम होम’? नागपुर का पहला प्लेटिनम रेटिंग ग्रीन हाउस, जानिए क्यों है इतना खास
पीला कार्ड : गरीबी रेखा से नीचे अत्यंत गरीब परिवारों के लिए।
केसरी कार्ड : सामान्य परिवारों के लिए, जिनकी आय 15,000 से 1 लाख तक।
सफेद कार्ड : गरीबी रेखा से ऊपर, आय 1 लाख से अधिक वाले परिवारों के लिए।
राशन लेने के अलावा यह निवास प्रमाण, वोटर कार्ड, पैन कार्ड और कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी जरूरी है।