अकोला में ई-रिक्शा पंजीकरण पर सख्ती, बिना पुलिस सत्यापन नहीं मिलेगा रजिस्ट्रेशन

Akola E-Rickshaw Rules: अकोला में अब बिना पुलिस वेरिफिकेशन के ई-रिक्शा का पंजीकरण नहीं होगा। परिवहन विभाग ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'वाहन' पोर्टल पर ई-केवाईसी और क्यूआर कोड अनिवार्य कर दिया है।
Transport authorities in Akola mandate police verification and Aadhaar-linked E-KYC for E-rickshaws to curb criminal misuse and ensure passenger safety via the Vahan portal.
अकोला: ई-रिक्शा (सौजन्य- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Akola Illegal E-Rickshaw Action News: अकोला शहर में पर्यावरण संरक्षण और सुलभ यात्रा के साधन के रूप में पहचाने जाने वाले 'ई-रिक्शा' की संख्या पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ी है। लेकिन इस बढ़ती संख्या के साथ ही सार्वजनिक सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए परिवहन आयुक्त कार्यालय ने अब नियमावली को और कड़ा कर दिया है। ई-रिक्शा पंजीकरण प्रक्रिया में शिथिलता के कारण कुछ अपात्र और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों द्वारा इसका दुरुपयोग किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं।

इसके बाद प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब बिना पुलिस चरित्र सत्यापन रिपोर्ट के किसी भी ई-रिक्शा का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। परिवहन विभाग को मिली शिकायतों में एक ही व्यक्ति के नाम पर कई ई-रिक्शा पंजीकरण करने या गंभीर अपराध दर्ज व्यक्तियों के नाम पर वाहन पंजीकरण होने जैसी घटनाएं उजागर हुई थीं। इससे यात्रियों की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़े हुए। इसी पृष्ठभूमि पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 और उसके नियमों के अनुसार अब सार्वजनिक सेवा वाहन चलाने के लिए वैध चालक लाइसेंस, अधिकृत बैज और वाहन मालिक व चालक का पुलिस द्वारा चरित्र सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।

आधार लिंक और क्यूआर कोड अनिवार्य

ई-रिक्शा पंजीकरण में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए परिवहन विभाग ने तकनीक का सख्त उपयोग शुरू किया है। पहले पंजीकरण प्रक्रिया की शिथिलता का फायदा उठाकर अपात्र व्यक्तियों ने ई-रिक्शा खरीदने का प्रयास किया था, लेकिन अब वाहन पोर्टल की नई प्रणाली से ऐसे प्रयास विफल होंगे। नए नियमों के अनुसार प्रत्येक ई-रिक्शा चालक को आधार आधारित ई-केवाईसी करना अनिवार्य होगा।

'वाहन' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रणाली

पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए अब 'वाहन' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रणाली लागू की गई है। इसमें आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है। इस नई प्रणाली से फर्जी पंजीकरण पर रोक लगेगी और अनधिकृत ई-रिक्शा पर कार्रवाई करना आसान होगा। साथ ही क्यूआर कोड के जरिए वाहनों का ट्रैक रखना भी संभव होगा, जिले में फिलहाल अधिकृत रूप से पंजिकृत ई-रिक्शा की संख्या 50 से कम है।

Navbharat Live
navbharatlive.com