अकोला में बंद खदान में डूबने से 16 वर्षीय किशोर की मौत, खोज अभियान के बाद मिला शव

Akola Accident News: अकोला के कृषि नगर निवासी १६ वर्षीय किशोर अनुकल्प वाघमारे की बार्शीटाकली क्षेत्र के येवता शिवार स्थित एक बंद पड़ी गहरी खदान में तैरने के दौरान डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।
16 Year Old Dies Drowning Inside 65Ft Mine In Akola
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
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16 Year Old Dies Drowning Inside 65Ft Mine In Akola: अकोला जिले के बार्शीटाकली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले येवता शिवार इलाके से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बंद पड़ी पत्थर की खदान में अपने दोस्तों के साथ तैरने के लिए गया १६ वर्षीय एक किशोर गहरे पानी में समा गया, जिससे डूबने के कारण उसकी असामयिक मौत हो गई।

रविवार दोपहर को घटित हुई इस दर्दनाक घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों द्वारा एक व्यापक खोज अभियान (रेस्क्यू ऑपरेशन) शुरू किया गया था, जिसके बाद सोमवार को कड़ी मशक्कत के बाद किशोर का निष्प्राण शव पानी से बाहर निकाला जा सका।

दोस्तों के साथ मस्ती करने गया था अनुकल्प

प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, अकोला शहर के कृषि नगर क्षेत्र का निवासी अनुकल्प वाघमारे (१६)रविवार की छुट्टी के दिन अपने कुछ करीबी मित्रों के साथ मौज-मस्ती करने और तैरने के लिए येवता गांव की सीमा में स्थित एक खदान पर गया हुआ था। चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने के लिए जब सभी दोस्त पानी में उतरे, तभी तैराकी के दौरान अनुकल्प अचानक खदान के बेहद गहरे पानी वाले हिस्से की ओर चला गया। पानी की थाह न मिल पाने और खुद को संभाल न पाने के कारण वह देखते ही देखते गहरे पानी में डूब गया। उसे डूबता देख उसके साथियों ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद घटना की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों और बार्शीटाकली पुलिस को दी गई।

संत गाडगे बाबा आपातकालीन दल ने चलाया महा-खोज अभियान

घटना की सूचना मिलते ही अकोला पुलिस का दस्ता और विशेष आपदा बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा। रविवार दोपहर से ही पानी में अनुकल्प की तलाश शुरू की गई। पिंजर स्थित 'मानव सेवा आपत्ति व्यवस्थापन फाउंडेशन' द्वारा संचालित 'संत गाडगे बाबा आपातकालीन खोज एवं बचाव दल' को तुरंत बचाव कार्य के लिए आमंत्रित किया गया। दल के प्रमुख दीपक सदाफले के कुशल नेतृत्व में विशेषज्ञ गोताखोरों शेखर केवट, ऋषिकेश राखोंडे और विष्णु केवट ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में खदान के भीतर गहरा खोज अभियान चलाया। लगातार कई घंटों के अथक प्रयासों और खोजबीन के बाद, सोमवार को आखिरकार किशोर के शव को ढूंढकर पानी से बाहर निकालने में सफलता मिली। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

६० से ६५ फीट गहरी है खदान

स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, येवता गांव की सीमा में स्थित इस बंद पड़ी खदान में भूजल स्तर के कारण बहुत बड़ी मात्रा में पानी भरा हुआ है। इस खदान की कुल गहराई लगभग ६० से ६५ फीट आंकी गई है, जो इसे बेहद खतरनाक बनाती है। वर्तमान में चल रहे भीषण गर्मी के दिनों में अकोला शहर तथा उसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से हर दिन बड़ी संख्या में छोटे बच्चे और युवक यहां तैरने और नहाने के उद्देश्य से पहुंचते हैं।

विभीषिका यह है कि कई लोग पर्याप्त स्विमिंग स्किल्स और पानी की गहराई का सटीक अंदाजा हुए बिना ही सीधे गहरे पानी में उतर जाते हैं, जिससे इस प्रकार की जानलेवा दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। स्थानीय नागरिकों ने चिंता जताते हुए बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी इस जानलेवा खदान में करीब तीन से चार नवयुवकों की डूबने के कारण तड़प-तड़प कर मौत हो चुकी है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि इस असुरक्षित खदान के चारों ओर प्रशासन द्वारा तुरंत फेंसिंग करवाई जाए ताकि भविष्य में किसी और मां की गोद सूनी न हो।

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