अकोला: ‘नाम स्मरण ही शाश्वत सुख की कुंजी’; बड़े राम मंदिर में कीर्तनकार ऐवज भांडारे ने बताया सत्संग का महत्व
श्रीराम नवमी उत्सव में कीर्तनकार भांडारे ने भगवान के नाम स्मरण की महत्ता बताई। नाम स्मरण से जीवन में शाश्वत सुख प्राप्त करें।
Akola Bade Ram Mandir News: अकोला भगवान का नाम सदैव तारने वाला होता है और देवता से अधिक उनके नाम का महत्व है। नाम स्मरण ही शाश्वत सुख की कुंजी है, ऐसा प्रतिपादन इंदौर के कीर्तनकार ऐवज भांडारे ने किया।
स्थानीय श्रीराम व हरिहर संस्थान द्वारा तिलक रोड स्थित बड़े राम मंदिर में आयोजित श्रीराम नवमी उत्सव के तहत कीर्तन में उन्होंने अभंग ‘एक तत्त्व नाम दृढ़ धरी मना’ के माध्यम से नाम स्मरण और सत्संग की महत्ता स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भगवान का स्मरण हर क्षण उठते-बैठते, चलते-फिरते मन में होना चाहिए, तभी सच्चे अर्थों में नाम स्मरण संभव है।
उन्होंने बताया कि इतिहास में अनेक राजा और ऋषि-मुनि केवल भगवान के नाम के स्मरण से ही मोक्ष को प्राप्त हुए। भगवान का स्वरूप भले अलग-अलग दिखाई दे, लेकिन मूल तत्त्व एक ही है, इसलिए सभी को नाम स्मरण के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।
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उत्सव के दौरान सामूहिक सुंदरकांड पूर्ण हुआ तथा सायंकाल नवजागृति महिला भजन मंडल और स्वरादिती महिला भजन मंडल की मातृशक्तियों ने संगीतमय भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
बड़े राम मंदिर में राम जन्मोत्सव 26 को
बड़े राम मंदिर में 26 मार्च को दोपहर 12 बजे राम जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 28 मार्च को गोपाल काल कीर्तन एवं विठ्ठल महिला भजन मंडल का भजन, जबकि 29 मार्च को एकादशी कीर्तन के साथ उत्सव का समापन होगा। संस्थान की ओर से श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित रहने का आवाहन किया गया है।
