संगमनेर में दो विधायक आमने-सामने! नगराध्यक्ष पद पर तांबे बनाम खताल की सीधी टक्कर

Tambe vs Khatal: संगमनेर नगरपालिका चुनाव में तांबे बनाम खताल की सीधी टक्कर। पत्नी बनाम वहिनी मुकाबला, कांग्रेस का पंजा चिन्ह गायब, दोनों विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर है।
संगमनेर में दो विधायक आमने-सामने!
संगमनेर में दो विधायक आमने-सामने! (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Sangamner Municipal Election: संगमनेर नगरपालिका चुनाव में महायुती के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष शुरू करने के लिए विधायक सत्यजीत तांबे ने ‘संगमनेर सेवा समिति’ नामक पैनल के माध्यम से अपने समर्थकों को एकजुट किया है। अब नगराध्यक्ष पद की लड़ाई में दो विधायकों तांबे बनाम खताल की सीधी ताकत आजमाई जाएगी।

कांग्रेस ने किसी को अधिकृत उमेदवारी न देते हुए इस बार पहली बार ऐसा हुए कि बैलेट पेपर पर कांग्रेस का पंजा चिन्ह दिखाई नहीं देगा। विधायक अमोल खताल और विधायक सत्यजीत तांबे पहली बार सीधे नगरपालिका चुनाव में आमने-सामने आए हैं।

नगराध्यक्ष पद के लिए तांबे-खताल की टक्कर

संगमनेर सेवा समिति ने नगराध्यक्ष पद के लिए विधायक सत्यजीत तांबे की पत्नी डॉ. मैथिली तांबे को उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, महायुती की ओर से शिवसेना ने विधायक अमोल खताल की वहिनी सुवर्णा संदीप खताल को उम्मीदवार बनाया है। इससे कई दिनों से चल रही राजनीतिक उत्सुकता खत्म हुई।

थोरात ने तांबे को थमा दी कमान

पूर्व राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने इस बार नगरपालिका चुनाव में सक्रिय भूमिका न निभाते हुए चुनाव संचालन की जिम्मेदारी विधायक तांबे को सौंप दी। इसके बाद तांबे ने शुरुआत से ही शहर में मजबूत संपर्क करके चुनावी तैयारी पर पकड़ बनाई। इच्छुक उम्मीदवारों से चर्चा करते समय नए-पुराने को लेकर विवाद भी सामने आए।

कांग्रेस खेमे में नाराज़गी

थोरात समर्थक कांग्रेस पदाधिकारियों ने पार्टी से आधिकारिक उमेदवारी की मांग की थी। उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने से चयन में विवाद हुए। बाद में शहर विकास आघाड़ी के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी थी, लेकिन अंततः सोमवार को घोषणा हुई कि चुनाव संगमनेर सेवा समिति के माध्यम से लड़ा जाएगा। इससे कांग्रेस खेमे में नाराज़गी फैल गई। इस बार नगरपालिका चुनाव में पहली बार कांग्रेस का पंजा चिन्ह पूरी तरह गायब है।

थोरात की गैरहाज़िरी में उम्मीदवारों की घोषणा

राज्य राजनीति में बालासाहेब थोरात का बड़ा कद है, इसलिए सभी की नज़र संगमनेर चुनाव पर थी। लेकिन आवेदन दाखिल करने के अंतिम दिन थोरात शहर में उपस्थित नहीं थे, जिससे चर्चाएँ तेज हो गईं। इसी दौरान विधायक सत्यजीत तांबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नगराध्यक्ष और नगरसेवक पद के उम्मीदवारों की घोषणा की।

महोदयुक्ति अपने-अपने चुनाव चिन्ह पर लड़ेगी

विधायक अमोल खताल ने घोषणा की कि महायुती इस बार आधिकारिक चुनाव चिन्ह पर ही चुनाव लड़ेगी। महायुती उम्मीदवारों ने सामूहिक रूप से अपने नामांकन दाखिल किए। खताल ने शिवसेना से कई नए चेहरे उतारे हैं।

‘घरानाशाही’ पर अब क्या जवाब?

कुछ दिन पहले अमोल खताल ने सत्यजीत तांबे पर घरानाशाही का आरोप लगाया था। लेकिन अब खताल ने नगराध्यक्ष के लिए अपनी ही वहिनी को उम्मीदवार बनाकर अप्रत्यक्ष रूप से अपनी ही बात पर सवाल खड़ा कर दिया है। विपक्ष इस मुद्दे को जोरशोर से उठा रहा है।

नेताओं का ‘आशीर्वाद’ किसके साथ?

तांबे को थोरात का समर्थन मिला है, जबकि पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील खताल के पीछे दिखाई दे रहे हैं। लेकिन संगमनेर सहकारी कारखाना चुनाव की तरह, क्या आखिरी क्षण में नेताओं का “हाथ” बदल जाएगा इस पर भी सबकी नज़र लगी है।

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