Pravara River Sand Mining:संगमनेर तालुका में प्रवरा नदी (सोर्सः सोशल मीडिया)
Sangamner Sand Smuggling: संगमनेर तालुका के विभिन्न गांवों में प्रवरा नदी बेसिन से हो रही गैर-कानूनी रेत खनन गतिविधियों पर नियंत्रण पाने के लिए राजस्व प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। तहसीलदार धीरज मांजरे के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियों ने JCB मशीनों की मदद से नदी की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर गहरी खाइयां खोदकर उन्हें स्थायी रूप से बंद कर दिया है, ताकि प्रवरा नदी बेसिन से अवैध रेत खनन और परिवहन को रोका जा सके। इस कार्रवाई से रेत तस्करों में भय का माहौल बन गया है।
बीते कुछ समय से यह शिकायतें सामने आ रही थीं कि प्रवरा नदी बेसिन में बड़े पैमाने पर हो रही अवैध रेत खनन गतिविधियों को राजस्व और पुलिस प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है। इस पृष्ठभूमि में विधायक अमोल खटाल ने राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त बैठक लेकर अवैध रेत तस्करी पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए थे।
इन निर्देशों के अनुसार, तहसीलदार धीरज मांजरे ने मंडल राजस्व अधिकारियों और ग्राम राजस्व अधिकारियों को नदी की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों को पूरी तरह बंद करने के स्पष्ट आदेश दिए। तहसीलदार मांजरे ने कहा कि गैर-कानूनी रेत खनन और परिवहन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़कें बंद करना, वाहन जब्त करना, जुर्माना लगाना और आपराधिक मामले दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो किसान रेत तस्करों को अपनी जमीन से रास्ता उपलब्ध कराते हैं, उनकी जमीन पर बोझ (चार्ज) दर्ज कर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
कई गांवों में रेत परिवहन के लिए इस्तेमाल की जा रही सड़कों को खाइयां खोदकर और बैरियर लगाकर बंद कर दिया गया है। इन सख्त उपायों से अवैध रेत तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है। इससे प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण और नदी किनारों को हो रहे नुकसान को रोकने में मदद मिलेगी।
ये भी पढ़े: अमरावती में गुटखा तस्करी का भंडाफोड़, प्रतिबंधित गुटखा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई; 6.47 लाख का माल जब्त
नदी किनारे बसे गांवों के नागरिकों ने इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। हालांकि, कुछ ग्रामीणों का कहना है कि कुछ स्थानों पर वही रेत तस्कर दोबारा अवैध खनन की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं की मांग है कि राजस्व प्रशासन लगातार निगरानी रखे और बिना ढिलाई के सख्त कार्रवाई करे।
तहसीलदार धीरज मांजरे के मार्गदर्शन में मंडल राजस्व अधिकारी और ग्राम राजस्व अधिकारियों ने संगमनेर तालुका में प्रवरा नदी किनारे बसे सांगवी कोठे, धंदरफल, निमाज, मंगलापुर, कसारा दुमाला, संगमनेर खुर्द, वाघापुर, निंबाले खराडी, जोरवे, रहीमपुर, ओझर खुर्द, अश्वी खुर्द सहित कई गांवों में JCB की मदद से सड़कें खोदकर और खाइयां बनाकर अवैध रेत परिवहन रोकने का अभियान शुरू किया है।