Akshay Kardile BJP Candidate Rahuri
Akshay Kardile BJP Candidate Rahuri: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर (अहमदनगर) जिले की राहुरी विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने प्रत्याशी के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। पार्टी ने दिवंगत नेता शिवाजी कार्डिले के बेटे अक्षय कार्डिले को चुनावी मैदान में उतारा है। कुछ महीनों पहले दिग्गज नेता शिवाजी कार्डिले के असामयिक निधन के कारण यह सीट रिक्त हुई थी, जिसके बाद भाजपा ने सहानुभूति और विरासत को ध्यान में रखते हुए उनके पुत्र पर भरोसा जताया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि स्थानीय समीकरणों को देखते हुए यह चुनाव निर्विरोध भी संपन्न हो सकता है।
शिवाजी कार्डिले का राहुरी क्षेत्र में गहरा प्रभाव रहा है। उन्होंने साल 2009 में पहली बार निर्दलीय के रूप में जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक ताकत का लोहा मनवाया था। इसके बाद उन्होंने राकांपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ा, हालांकि वहां उन्हें सफलता नहीं मिली। साल 2014 में उन्होंने दोबारा विधानसभा चुनाव जीता, लेकिन 2019 के कड़े मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब उनके बेटे अक्षय के सामने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को सहेजने की बड़ी चुनौती है।
राहुरी के साथ-साथ राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट बारामती पर भी उपचुनाव होने जा रहे हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर उनकी पत्नी और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है। महायुति गठबंधन इन दोनों सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। राहुरी में अक्षय कार्डिले की उम्मीदवारी को स्थानीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिलता दिख रहा है, जिससे विपक्षी खेमे में खलबली मची हुई है।
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उपचुनावों को लेकर विपक्षी गठबंधन ‘महाविकास अघाड़ी’ (MVA) फिलहाल मंथन के दौर से गुजर रहा है। शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (NCP-SP) और शिवसेना (UBT) इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या इन सीटों पर उम्मीदवार उतारना रणनीतिक रूप से सही होगा या नहीं। परंपरा रही है कि किसी मौजूदा विधायक के निधन के बाद खाली हुई सीट पर परिवार के ही सदस्य को निर्विरोध चुनने का मौका दिया जाता है, लेकिन वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में यह अनिश्चित है।
इस बीच कांग्रेस ने इन उपचुनावों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि शरद पवार की पार्टी (NCP-SP) राहुरी विधानसभा सीट और बारामती दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारती है, तो कांग्रेस वहां अपने प्रत्याशी खड़े करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कांग्रेस के इस कड़े रुख ने महाविकास अघाड़ी के भीतर सीटों के तालमेल को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। यदि विपक्ष उम्मीदवार उतारता है, तो राहुरी में मुकाबला त्रिकोणीय या द्विपक्षीय हो सकता है, जिससे ‘निर्विरोध चुनाव’ की संभावना धूमिल हो सकती है।