पारनेर शुगर फैक्ट्री घोटाला: कोर्ट की निगरानी में होगी जांच, पुलिस को हर 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

Parner Police Action: पारनेर स्थित देवी भोयरे कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री बिक्री घोटाले की जांच अब कोर्ट की निगरानी में होगी। कोर्ट ने पुलिस को 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
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Parner Sugar Factory (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Parner Sugar Factory Scam: पारनेर तालुका के देवी भोयरे में पारनेर कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री की बिक्री में हुए घोटाले में दर्ज केस की आगे की जांच अब पारनेर कोर्ट की निगरानी में होगी। यह आदेश पारनेर की जज मुबीन शेख ने दिया है। एक साल पहले, पारनेर कोर्ट ने देवी भोयरे में कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री की बिक्री में हुए घोटाले के संबंध में स्टेट कोऑपरेटिव बैंक के दो अधिकारियों, क्रांति शुगर कंपनी के नौ डायरेक्टरों और देवी भोयरे के तत्कालीन तलाठी के खिलाफ केस दर्ज किया था और आगे की जांच का आदेश दिया था।

केस दर्ज होने के करीब डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी, केस की जांच में कोई प्रगति नहीं हुई है। भले ही इस केस में आरोपियों की एंटीसिपेटरी बेल सेशन कोर्ट ने कैंसिल कर दी थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। केस दर्ज होने के बाद, आरोपी फैक्ट्री परिसर से करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्ति गायब हो गए हैं। पारनेर पुलिस ने ऐसा पंचनामा किया है।

पुलिस को जांच रिपोर्ट का आदेश

बताया गया सामान अभी तक ज़ब्त नहीं किया गया है। आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों के पास मौजूद फैक्ट्री सेल के ओरिजिनल डॉक्यूमेंट में भी बदलाव करने की कोशिश की थी। शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद, पारनेर तहसीलदार ने ओरिजिनल डॉक्यूमेंट ज़ब्त कर लिया और रिकॉर्ड रूम में रख दिया।

42 गवाहों के नाम

पुलिस को 42 गवाहों के नाम देने के बावजूद, शिकायतकर्ताओं ने अभी तक अपने बयान दर्ज नहीं किए हैं। पिछले जांच अधिकारी, पुलिस इंस्पेक्टर समीर बारावकर का राजनीतिक दखल के कारण पारनेर से समय से पहले ट्रांसफर कर दिया गया था। इस मामले में वादी फैक्ट्री प्रोटेक्शन कमेटी की ओर से वकील रामदास घावटे और उन्मेष चौधरी पेश हो रहे हैं।

इसलिए रेस्क्यू कमिटी कोर्ट गई

फैक्ट्री रेस्क्यू कमिटी, जो इस घटना की शिकायत करने वाली थी, एक बार फिर पारनेर कोर्ट पहुंची, सारा मामला कोर्ट के ध्यान में लाया गया। पारनेर कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया और आदेश दिया कि इस जुर्म की आगे की जांच कोर्ट की निगरानी में की जाए।

पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होगी!

फैक्ट्री रेस्क्यू कमेटी मेंबर,बबनराव कवाड़ ने कहा कि राजनीतिक दखल और हाई-प्रोफाइल आरोपियों की वजह से एक बड़े और गंभीर अपराध की जांच रुक गई थी। अब कोर्ट के दखल की वजह से आगे की जांच पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। 17 हजार पीड़ित किसानों को इस बात का भरोसा है।

जांच रिपोर्ट जमा करनी होगी

पारनेर जज मुबीन शेख ने कहा कि कोर्ट ने पारनेर पुलिस से अब तक की गई जांच की रिपोर्ट मांगी है। यह भी ज़रूरी कर दिया गया है कि पुलिस को हर पंद्रह दिन में जांच की प्रोग्रेस पर पारनेर कोर्ट को रिपोर्ट देनी होगी। नहीं तो, पारनेर पुलिस पर कोर्ट की अवमानना ​​का केस चलेगा।

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