अशोक खरात (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ashok Kharat Obscene Video Case: महाराष्ट्र में स्वयंभू बाबा अशोक खरात के काले कारनामों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। अब इस मामले में एक नया मोड़ आया है। पुलिस ने पीड़िता के अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तब हुई जब विशेष जांच टीम (SIT) ने पाया कि जांच के दौरान जब्त किए गए संवेदनशील वीडियो ‘व्हाट्सएप ग्रुप्स’ और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर धड़ल्ले से शेयर किए जा रहे थे।
बता दें कि अशोक खरात को 18 मार्च को एक महिला की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था। महिला ने आरोप लगाया था कि बाबा ने पिछले तीन वर्षों से उसका बार-बार यौन शोषण किया। जांच के दौरान पुलिस को बाबा के पास से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए, जिनमें वह महिलाओं का शोषण करते हुए दिखाई दे रहा था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अहिल्यानगर जिले के कोपरगांव निवासी राहुल गंगाधर शिंदे ने 25 मार्च को एक व्हाट्सएप ग्रुप पर पीड़िता का एक वीडियो साझा किया था। इसके बाद, कोपरगांव के ही निवासी योगेश पंढरीनाथ आधव ने उस वीडियो को बीड के माजलगांव में रहने वाले अपने दोस्त संदीप गर्जे को फॉरवर्ड कर दिया।
SIT की टीम डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए इन आरोपियों तक पहुंची। कोपरगांव पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर शिंदे और आधव को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीसरे आरोपी संदीप गर्जे की तलाश जारी है।
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अहिल्यानगर के पुलिस अधीक्षक सोमनाथ घुघे ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “किसी भी पीड़ित महिला की पहचान उजागर करना या उसके आपत्तिजनक वीडियो साझा करना कानूनन अपराध है। जो कोई भी सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से ऐसे वीडियो प्रसारित करेगा, उसे तत्काल गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।” यह मामला समाज में डिजिटल गोपनीयता और नैतिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस अब उन व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन्स पर भी नजर रख रही है जहां ये वीडियो साझा किए गए थे।