उद्धव ठाकरे गुट के विधायक गडाख पर IT का शिकंजा, चीनी फैक्ट्री को भेजा 137 करोड़ का नोटिस

विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे पूर्व मंत्री शंकरराव गडाख पर आयकर विभाग की गाज गिरी है। आयकर विभाग ने उनकी मुला सहकारी चीनी मिल को नोटिस भेजकर फैक्ट्री को 137 करोड़ रुपए चुकाने का आदेश दिया है।
उद्धव ठाकरे गुट के विधायक गडाख पर IT का शिकंजा, चीनी फैक्ट्री को भेजा 137 करोड़ का नोटिस
शंकरराव गडाख (सोर्स: सोशल मीडिया)
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मुंबई: राज्य में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज होने से राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है। इस विधानसभा चुनाव के लिए हर पार्टी और उम्मीदवार समीकरण बुनने में लगे हैं। इस बीच विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियां भी मैदान में कूदने को तत्पर नजर आ रही हैं। ऐसा अहिल्यानगर जिले अंतर्गत नेवासा विधानसभा सीट से विधायक एवं पूर्व मंत्री शंकरराव गडाख को आयकर विभाग ने 137 करोड़ रुपए का नोटिस भेजा है। यह महाविकास अघाड़ी में शामिल शिवसेना उद्धव गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे पूर्व मंत्री शंकरराव गडाख पर आयकर विभाग की गाज गिरी है। आयकर विभाग ने उनकी मुला सहकारी चीनी मिल को नोटिस भेजकर फैक्ट्री को 137 करोड़ रुपए चुकाने का आदेश दिया है। इससे राज्य की राजनीति गरमाने लगी है।

हाईकोर्ट में चुनौती की तैयारी

विधायक शंकरराव गडाख ने अपने कारखाने को आयकर विभाग द्वारा नोटिस दिए जाने को सियासी साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि वह इस नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। तो वहीं गडाख ने इस नोटिस के खिलाफ कार्यकर्ताओं और किसानों के साथ बैठक में चर्चा करने की भी बात कही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी फैक्ट्री को निशाना बनाने का प्रयास किया गया था।

नेवासा से लड़ेंग चुनाव

बता दें कि बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) ने विधानसभा चुनाव के लिए 65 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। जिसमें शंकरराव गडाख का भी नाम शामिल है। गडाख को शिवसेना (यूबीटी) ने नेवासा विधानसभा सीट से टिकट दिया है।

कौन हैं गडाख?

1995 में 25 साल की उम्र में गडाख ने राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने युवा कांग्रेस प्रचारक के रूप में शुरुआत की। वहीं 2017 में शंकरराव गडाख ने क्रांतिकारी शेतकरी पार्टी की स्थापना की। 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार को भारी मतों से हराकर नेवासा सीट से विधायक बन गए। 11 अगस्त 2020 को उन्होंने क्रांतिकारी शेतकारी पक्ष को भंग कर दिया और शिवसेना में शामिल हो गए। वे महाराष्ट्र सरकार में मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री रह चुके हैं।

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