श्रीरामपुर में दिनदहाड़े गोलीबारी, बाल-बाल बचे संघर्ष दिघे; आरोपी फरार, पुलिस पर उठे सवाल

Shrirampur: श्रीरामपुर के गिरमे चौक में चाय की दुकान के बाहर शुक्रवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी से श्रीरामपुर दहल उठा। भोंग्या प्रकरण को लेकर प्रशासन को ज्ञापन देने के तुरंत बाद यह वारदात घटित हुई।
श्रीरामपुर में दिनदहाड़े गोलीबारी
श्रीरामपुर में दिनदहाड़े गोलीबारी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Ahilyanagar News: शहर के गिरमे चौक में चाय की दुकान के बाहर शुक्रवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी से श्रीरामपुर दहल उठा। भोंग्या प्रकरण को लेकर प्रशासन को ज्ञापन देने के तुरंत बाद यह वारदात घटित हुई। गनीमत रही कि गोलीबारी के बावजूद संघर्ष बाळासाहेब दिघे बाल-बाल बच गए। हालांकि हमलावर फरार होने में सफल रहा, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने इस मामले में हुजेफा अनीस शेख (निवासी वार्ड नंबर-2) के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

ज्ञापन देने के बाद संघर्ष दिघे, सागर बेग, आकाश बेग, रोहित यादव और राष्ट्रीय श्रीराम संघ के कार्यकर्ता शिवाजी रोड स्थित गिरमे चौक के चायवाला दुकान पर रुके थे। इसी दौरान संघर्ष के परिचित सोनू राठोड़ मौके पर पहुंचा और बातचीत करने लगा। तभी अचानक हुजेफा शेख हाथ में पिस्तौल लिए वहां आ धमका। उसने संघर्ष को निशाना बनाते हुए पिस्तौल लोड करने की कोशिश की।

संघर्ष बाल-बाल बचे

संघर्ष ने साहस दिखाते हुए आरोपी को धक्का देकर गिराने का प्रयास किया। इसी दौरान शेख एचडीएफसी बैंक एटीएम गली की ओर भाग खड़ा हुआ। संघर्ष दिघे और तुषार कुर्हे ने उसका पीछा किया, मगर आरोपी ने पीछे मुड़कर दो गोलियां दाग दीं। संयोग से दोनों गोलियां लक्ष्य चूक गईं और संघर्ष बाल-बाल बचे।

दर्गा मार्ग से फरार हुआ आरोपी

वारदात के बाद हुजेफा सैलानी बाबा दरगाह की ओर भागा और भीड़ का फायदा उठाकर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

पुलिस में मामला दर्ज

संघर्ष दिघे की शिकायत पर शहर पुलिस ने हुजेफा अनीस शेख के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 109 और आर्म्स एक्ट 3/25 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।

जनता में रोष, नेताओं ने जताई नाराज़गी

दिनदहाड़े गोलीबारी और आरोपी का आसानी से फरार होना, पुलिस की नाकामी दर्शाता है। इस घटना को लेकर आम नागरिकों में रोष है, वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

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