Ahilyanagar News: गड़बड़ी हो तो राशन दुकानों की शिकायत करें, कार्रवाई होगी, मंत्री छगन भुजबल एक्शन मोड़ पर
राशन की दुकान में किसी भी तरह की गड़बड़ी हो तो शिकायत दर्ज कराएं। कार्रवाई की जाएगी, यह अपील नए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने की।
- Written By: आंचल लोखंडे
मंत्री छगन भुजबल एक्शन मोड़ पर (सौजन्यः सोशल मीडिया)
अहिल्यानगर: राशन की दुकान में किसी भी तरह की गड़बड़ी हो तो शिकायत दर्ज कराएं। कार्रवाई की जाएगी, यह अपील नए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने की। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद भुजबल शुक्रवार (23) को शिरडी आए और साईं की समाधि के भावपूर्ण दर्शन किए। इस दौरान भुजबल पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
छगन भुजबल ने कहा कि राज्य में 54 हजार राशन दुकानें हैं। कोरोना काल में जब सभी लोग घर पर थे, तब राशन दुकानदार, कुली, ड्राइवर और अधिकारी एकमत होकर जरूरतमंदों तक अनाज पहुंचाते रहे। राशन दुकानों के बारे में शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।
गलत लोग आरक्षण व्यवस्था में प्रवेश न करें
ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए भुजबल ने कहा कि जरूरतमंदों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए, गलत लोग आरक्षण व्यवस्था में प्रवेश न करें, इसका फैसला जनता को करना चाहिए।
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भुजबल ने शिरडी के साईं भगवान के दर्शन किए
साईं बाबा संस्थान की ओर से उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी भीमराज दराडे ने भुजबल को साईं की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। साईं मंदिर प्रमुख विष्णु थोरात और जनसंपर्क अधिकारी दीपक लोखंडे भी मौजूद थे। भुजबल ने कहा, “मैं मंत्री रहा या नहीं, मैं बचपन से ही साईं के दर्शन के लिए शिरडी आता रहा हूं। साईं मंदिर एक ऐसी जगह है, जहां लोगों की बेहतर सेवा करने की शक्ति मिलती है। मैंने प्रार्थना की कि साईं मुझे अच्छे काम करने की शक्ति दें।”
पालकमंत्री पद के विवाद में नहीं पड़ना चाहता
नासिक के पालकमंत्री के मुद्दे पर कोई बहस नहीं होनी चाहिए। मैं पालकमंत्री बनूं या न बनूं, मैं लोगों की सेवा कर सकता हूं। इसलिए मैं पालकमंत्री पद के विवाद में नहीं पड़ना चाहता, भुजबल ने स्पष्ट किया। क्या यह बात नहीं है कि मंत्री पद कब आता है और कब जाता है? चर्चा है कि पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे के मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भुजबल को मंत्री पद मिला है। इस पर बोलते हुए भुजबल ने कहा, “मैंने दस बार मंत्री पद की शपथ ली। राजनीति में मंत्री पद कब और कैसे आता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। यह तो बस होता रहता है!”
