महावितरण का 'बकाया वसूली' मिशन: 15 दिनों में 165 करोड़ वसूलने का लक्ष्य; बिजली काटी तो सीधे दर्ज होगा मुकदमा

महावितरण ने अकोला में 165 करोड़ रुपये के बकाया वसूली के लिए आक्रामक रुख अपनाया है। 15 दिनों में तेज अभियान के तहत मीटर जब्त और अवैध बिजली उपयोग पर कार्रवाई की जाएगी।
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Akola Electricity Bill News: महावितरण ने बकाया वसूली के लिए एक आक्रामक रुख अपनाया है, जिसमें 165 करोड़ रुपये की बकाया राशि को 15 दिनों के भीतर वसूल करने का लक्ष्य रखा गया है। अकोला परिमंडल में बिजली बिल की बकाया राशि चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए यह एक गंभीर मुद्दा बन गया है।

मुख्य अभियंता राजेश नाईक ने निर्देश दिए हैं कि अगले 15 दिनों में वसूली अभियान को तेज किया जाए। इसके तहत डीपीवार बकायादार उपभोक्ताओं पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। महावितरण ने स्पष्ट किया है कि बकायादार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति तब तक पुनः शुरू नहीं होगी जब तक वे पूरा बिल जमा नहीं करते।

यदि कोई उपभोक्ता बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद अवैध रूप से बिजली का उपयोग करता है, तो उसके खिलाफ बिजली अधिनियम के तहत तुरंत मामला दर्ज किया जाएगा। महावितरण ने मीटर जब्त करने की कार्रवाई को भी तेज किया है, जिसमें 13,337 डीपियों पर कुल 3,71,000 उपभोक्ताओं की तरफ 165 करोड़ रुपये का बकाया है।

अकोला जिले में 4,287 डीपियों पर 1,21,229 उपभोक्ताओं की तरफ 53.24 करोड़ रुपये का बकाया है। इसी तरह बुलढाना और वाशिम जिलों में भी बकाया राशि चिंताजनक स्तर पर है। महावितरण ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक डीपी की बकाया राशि शून्य पर लाई जाए, और इसके लिए सभी कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

इस वसूली अभियान का उद्देश्य महावितरण के आर्थिक अस्तित्व को बनाए रखना है, जो बिजली बिल पर निर्भर है।

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