अहिल्यानगर में ‘ग्रीन सिटी’ अभियान की शुरुआत, पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर: विखे पाटिल

RadhaKrishna Vikhe Patil : अहिल्यानगर में ‘ग्रीन सिटी’ अभियान के तहत हर साल एक लाख पेड़ लगाने की पहल शुरू की गई, जिसमें मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया।
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RadhaKrishna Vikhe Patil (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Ahilyanagar Green City Campaign: जैसे-जैसे शहर तेज़ी से विकसित हो रहे हैं, बढ़ते प्रदूषण का लोगों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। बदलते लाइफस्टाइल की भारी कीमत समाज को चुकानी पड़ रही है। मेडिकल सर्वे से भी यह स्पष्ट हुआ है कि प्रदूषण के कारण कई प्रकार की बीमारियां बढ़ रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में, जल संसाधन मंत्री डॉ. राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि ‘ग्रीन सिटी’ जैसी पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के लिए एक व्यापक जन आंदोलन खड़ा करना आवश्यक है।

सैदद्वारका सेवा ट्रस्ट और अहिल्यानगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे ‘ग्रीन सिटी’ अभियान के तहत हर वर्ष एक लाख पेड़ लगाने की पहल का शुभारंभ शहर के मौली ऑडिटोरियम में पालक मंत्री डॉ. विखे पाटिल ने किया। इस अवसर पर मेयर ज्योति गाडे, डिप्टी मेयर एडवोकेट धनंजय जाधव, म्युनिसिपल कमिश्नर यशवंत डांगे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। डॉ. विखे पाटिल ने कहा कि बढ़ते ट्रैफिक, वाहनों की संख्या में वृद्धि, तेजी से विकसित हो रही कॉलोनियां और पर्यावरण की अनदेखी के कारण शहर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

ग्रीन एरिया का संतुलन बनाए रखना जरूरी

उन्होंने कहा कि ‘ग्रीन सिटी’ पहल इस दिशा में अत्यंत उपयोगी साबित होगी। शहर के समग्र विकास के लिए ग्रीन एरिया का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पेड़ लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण करना अधिक महत्वपूर्ण है। सभी नागरिकों को जिम्मेदारीपूर्वक भागीदारी निभानी चाहिए और इस पहल को स्थायी रूप देना चाहिए।

शहर की योजना में पर्यावरण अनुकूल बदलाव जरूरी

मंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में ‘ग्रीन स्पेस’ विकसित करने के साथ-साथ शहर की योजना में पर्यावरण के अनुकूल बदलाव करना समय की आवश्यकता है। जल संसाधन विभाग के माध्यम से राज्य में लगभग 5,000 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया है और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं।

हर साल लगेंगे 1 लाख पेड़

उन्होंने यह भी कहा कि नदियों में बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय है और जल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान चलाना जरूरी है, जिससे नागरिकों में जागरूकता बढ़ेगी। शहर की योजना दीर्घकालिक दृष्टिकोण से बनाई जा रही है और आधुनिक तथा सतत विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

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