आदित्य ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को दी चेतावनी, कहा-धारावी के लोगों पर आंच भी आई तो…
Maharashtra Politics: आदित्य ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि धारावी की आम जनता को नजरअंदाज किया गया। उन्हें धारावी में कदम रखने नहीं देंगे।
- Written By: सोनाली चावरे
आदित्य ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को दी चेतावनी
मुंबई: महाराष्ट्र के मुंबई में मुलुंड स्थित कालिदास सभागृह में यूबीटी के विधायक प्रमुख आदित्य ठाकरे ने अपने भाषण में मुंबई की अस्मिता गौरव पर जोर दिया। उन्होंने कहा, यह मुंबई हमारी है और हमारी ही रहनी चाहिए। कई उद्योगपति मुंबई आए और उन्होंने इसे अपनाया। अगर आप मुंबई में आना चाहते हैं, तो इसका सम्मान करें, यहां व्यापार करें, लेकिन मेरी मुंबादेवी का भी सम्मान करें।
धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर आदित्य ठाकरे ने सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, मैं मानता हूं कि धारावी का विकास होना चाहिए। लेकिन, 22 अक्टूबर 2022 को धारावी का जो टेंडर निकला, उस समय ‘भ्रष्टनाथ शिंदे’ ने घोटाला कर सरकार बनाई।
मास्टर प्लान सिर्फ मालिकों के लिए
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उन्होंने सवाल उठाया, धारावी में विकास मालिकों का हो रहा है। उस मालिक का नाम क्या है? जब मुख्यमंत्री ने धारावी का मास्टर प्लान मंजूर किया, उस बैठक में कोई मुंबई प्रेमी था क्या? कोई मुलुंड से था? कोई कुर्ला से था? नहीं, तो क्या यह मास्टर प्लान सिर्फ मालिक के लिए घोषित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई में एक धारावी थी, लेकिन अब सरकार कई धारावी बनाने की कोशिश कर रही है। ये सरकार धारावी के लोगों को अलग-अलग जगह पुनर्वसित करने की योजना बना रही है।
आदित्य ठाकरे ने कहा आपकी लड़ाई मेरी भी
इस दौरान आदित्य ठाकरे ने कहा कि अगर धारावी के सभी नागरिकों को पात्र नहीं ठहराया गया, तो उन्हें धारावी में कदम रखने नहीं देंगे। मैं आदेश देने नहीं, बल्कि आपके साथ लड़ने आया हूं। लड़ाई लड़ते समय कई मुकदमे ठोके जाएंगे, फिर भी हम पीछे नहीं हटेंगे। उनके सीने पर पैर रखकर ये लड़ाई जीतेंगे।
जहा यह रैली हुई, वहां के विधायक मिहिर कोटेचा है। विधायक पर निशाना साधते हुए आदित्य ठाकरे ने तंज कसा, ये विधायक कौन हैं? ये कोटेचा नहीं, खोटेचा हैं। ये सच बोल रहे है या झूठ? इसलिए इनका नाम कोटेचा होना चाहिए या खोटेचा? उन्होंने कहा, उन्हें प्रेम पत्र भेजो और पूछो कि तुम बोल रहे थे, उसका क्या हुआ? अब मालिक का विरोध करोगे या नहीं? कुर्ला का क्या हुआ? मदर डेयरी का क्या हुआ? वहां के विधायक तो गुवाहाटी चले गए थे। अब क्या वे जाकर भ्रष्टनाथ शिंदे से सवाल पूछेंगे?
