BCCI के फैसले पर आदित्य ठाकरे भड़के, खेल मंत्री को लिखा पत्र, बोले- राष्ट्रहित से बड़ा नहीं क्रिकेट
Mumbai News: पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने के मुद्दे पर आदित्य ठाकरे भड़क गये। BCCI पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने खेल मंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
- Written By: सोनाली चावरे
आदित्य ठाकरे (pic credit; social media)
Maharashtra News: शिवसेना (ठाकरे गुट) के विधायक आदित्य ठाकरे ने आतंकवादी हमले का हवाला देते हुए एशिया कप में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के फैसले पर आक्रोश जताते हुए केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर कहा है कि यह निर्णय राष्ट्रीय हित के लिए खतरा है।आदित्य ने अपने पत्र में आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर बीसीसीआई की भूमिका और राष्ट्रीय हितों पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने लिखा है कि पिछले एक दशक में हमारे देश और लोगों को बार-बार पाकिस्तान से आतंकवादी हमलों का सामना करना पड़ा है। पीएम मोदी ने हाल ही में लाल किले से कहा था कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। दुर्भाग्य से बीसीसीआई एशिया कप में पाकिस्तान के साथ खेलने के लिए टीम भेज रहा है। क्या बीसीसीआई राष्ट्रहित और सैनिकों के बलिदान से ऊपर है? बीसीसीआई केवल पैसे और प्रचार के लिए है।
आतंकवाद पर विश्व को क्या देंगे संदेश
आदित्य ठाकरे ने पूछा कि हम दुनिया के सामने अपने आतंकवाद विरोधी दावों को कैसे सही ठहराएंगे, जब हम पाक के साथ क्रिकेट खेलगे? पाक ने बार-बार भारतीय खिलाड़ियों को धमकाया है। यह शर्म की बात है कि बीसीसीआई फायदे के लिए पाकिस्तान के साथ मैच खेलने जा रहा है। हम राजनीति में अलग-अलग पक्षों में हैं, लेकिन हमें इस मुद्दे पर एक साथ आना चाहिए। जिस तरह हमने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए पीएम का समर्थन किया था। अपने सैनिकों के बलिदान और जीवन को महत्वहीन समझता है।
सम्बंधित ख़बरें
Chhatrapati Sambhajinagar के ऐतिहासिक पनचक्की परिसर में चला विशेष स्वच्छता अभियान, 3 टन कचरा हटाया
गोवंश तस्करी करने वाले गिरोह पर MCOCA के तहत बड़ी कार्रवाई, सरगना समेत 14 लोगों पर मामला दर्ज
Political Crisis: ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी, मुंबई कांग्रेस करेगी 1 से 2 जून को बड़ा आंदोलन
Bullet Train से जुड़ेगा नासिक, बनेगा सुवर्ण त्रिकोण, जापान सरकार के सहयोग से मिलेगी प्रोजेक्ट को रफ्तार
पहलगाम हमले को लेकर हमने दुनिया भर में प्रतिनिधिमंडल भेजे थे। क्या अब हम दुनिया भर में प्रतिनिधिमंडल भेजेंगे और यह साबित करेंगे कि हम पाकिस्तान के साथ क्रिकेट क्यों खेल रहे हैं? पिछले कुछ वर्षों से कई खिलाड़ी मानवाधिकारों के उल्लंघन के नाम पर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में खेलने से इनकार करते रहे हैं। आतंकवाद शांतिपूर्ण प्रगति में बाधा डालता है।
