दूध के सही दाम की मांग को लेकर उज्जैन के किसान एकजुट; 10 सितंबर को कलेक्टर कार्यालय का करेंगे घेराव

Ujjain Dairy Farmers Protest: उज्जैन के जूना खेड़ा सरकार में दूध उत्पादक किसानों का बड़ा हुंकार, बढ़ती लागत और कम दाम से नाराज किसानों ने 12 रुपये प्रति फैट की दर से दूध का भाव तय करने की मांग रखी।
Ujjain dairy farmers unite to demand fair milk procurement prices from companies
उज्जैन में किसान दूध का भाव बढ़ाने के लिए हुए एकजुट(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ujjain Dairy Farmers Protest Ujjain: उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील स्थित जूना खेड़ा सरकार में दूध उत्पादक किसानों का विशाल सम्मेलन आयोजित किया गया। महासभा में उज्जैन जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। सम्मेलन में किसानों ने पशुपालन से जुड़ी बढ़ती लागत और दूध के अपेक्षाकृत कम दाम को लेकर अपनी समस्याएं रखीं। किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण पशुपालन करना पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। ऐसे में दूध की बिक्री से मिलने वाली आय और पशुओं पर होने वाले खर्च के बीच संतुलन बिगड़ता जा रहा है।

किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि पशुओं के लिए जरूरी खल, तेल, चारा और अन्य सामग्री के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसके अलावा पशुओं की खरीद और उनके रखरखाव पर भी पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ रहा है। किसानों के मुताबिक दूध उत्पादन में बढ़ती लागत के बावजूद उन्हें दुग्ध संघों की ओर से ऐसा मूल्य नहीं मिल रहा, जिससे उनकी मेहनत और खर्च की भरपाई हो सके। सम्मेलन में किसानों ने सरकार और संबंधित विभागों से उनकी आर्थिक स्थिति को गंभीरता से लेते हुए दूध के भाव में उचित बढ़ोतरी करने की मांग की।

12 रुपये प्रति फैट की दर से दूध के भाव तय करने की मांग

महासभा में किसानों ने दूध के भाव 12 रुपये प्रति फैट की दर से तय किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई। किसानों का कहना है कि वर्तमान दरों पर दूध बेचने से पशुपालकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है और कई किसान आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि दूध उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उचित मूल्य मिलने से पशुपालकों को राहत मिलेगी। सम्मेलन में मौजूद किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी मांग केवल बेहतर आय के लिए नहीं, बल्कि पशुपालन को टिकाऊ बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।

10 सितंबर को कलेक्टर कार्यालय का घेराव

अपनी मांगों को लेकर किसानों ने आंदोलन की आगे की रणनीति भी तय की है। किसान प्रतिनिधियों के अनुसार 10 सितंबर को दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में किसान उज्जैन पहुंचकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। इस दौरान जिला प्रशासन को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। किसानों ने अधिक से अधिक पशुपालकों और दूध उत्पादकों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। सम्मेलन में किसानों ने कहा कि यदि प्रशासन ने उनकी समस्याओं पर सकारात्मक कदम उठाया तो समाधान की दिशा में रास्ता बन सकता है।

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मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा। किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि दूध उत्पादकों की समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सम्मेलन में किसानों ने एकजुट होकर अपनी आवाज उठाने का संकल्प लिया। अब 10 सितंबर को प्रस्तावित कलेक्टर कार्यालय घेराव पर सभी की नजरें रहेंगी। उज्जैन जिले के किसानों का कहना है कि उनका उद्देश्य प्रशासन तक अपनी मांग मजबूती से पहुंचाना और दूध के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित कराना है।

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