महाकालेश्वर भस्म आरती दर्शन, पूजन के बाद हुआ मनमोहक श्रृंगार
Mahakal Bhasma Aarti: महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल की भस्म आरती की गई। आरती से पहले विधि-विधान से अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजा की गई।
- Written By: प्रीतेश जैन
भगवान महाकाल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Ujjain Mahakaleshwar Mandir: उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के चार बजे भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट खोले गए। सुबह होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे।
भस्म आरती से पहले भगवान महाकाल का विधि-विधान से अभिषेक किया गया। सबसे पहले हरिओम जल से स्नान कराया गया, इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन संपन्न हुआ। इसके बाद भगवान का आकर्षक और मनमोहक श्रृंगार किया गया, जिसने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। मंदिर के नंदी हाल में नंदी जी का स्नान, ध्यान और विधिवत पूजन किया गया। पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल रहा, जहां श्रद्धालु मंत्रोच्चार और भजनों के बीच पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना में लीन नजर आए।
महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से अर्पित की गई भस्म
मंदिर में झांझ, मंजीरे और डमरू की गूंज के बीच भगवान महाकाल की प्रसिद्ध भस्म आरती संपन्न हुई। महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से परंपरानुसार बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई, जो इस आरती का विशेष और महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
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निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं महाकाल
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी आस्था और परंपरा के चलते देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और इस दिव्य भस्म आरती में शामिल होकर स्वयं को धन्य मानते हैं।
