Ujjain News: महाकाल मंदिर मार्ग के पास मुस्लिम इलाके में बुलडोजर एक्शन, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई

Madhya Pradesh News: महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित बेगम बाग क्षेत्र में शनिवार को एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई की गई। इस दौरान इलाके में बनी पांच बहुमंजिला इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया।
Ujjain Begum Bagh Bulldozer Action Mahakal Temple Road Encroachment Demolition
बुलडोजर एक्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Bulldozer Action In Begam Bagh Ujjain: महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित बेगम बाग क्षेत्र में शनिवार को एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई की गई। इस दौरान इलाके में बनी पांच बहुमंजिला इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि ये इमारतें महाकाल मंदिर के पहुंच मार्ग पर स्थित थीं और इनकी लीज अवधि समाप्त हो चुकी थी। साथ ही इनमें कथित रूप से अवैध व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जिसके चलते प्रशासन ने यह कार्रवाई की।

कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने जानकारी दी कि जिन जमीनों पर यह इमारतें बनी थीं, वह उज्जैन विकास प्राधिकरण की हैं। इन भूखंडों को 30 साल की लीज पर केवल आवासीय उपयोग के लिए आवंटित किया गया था।

इस वजह से हुई बुलडोजर कार्रवाई

गौरतलब है कि यहां रह रहे लोगों ने नियमों के विपरीत इन भवनों का व्यावसायिक उपयोग शुरू कर दिया था। इसी कारण लीज अवधि पूरी होने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं किया गया। उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी किए जाने पर संबंधित पक्ष न्यायालय पहुंचे लेकिन लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट। तीनों स्तरों से उन्हें कोई राहत नहीं मिली, इसके बाद अवैध अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई की गई।

सुबह 9 बजे शुरु हुई कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, शनिवार सुबह 9 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय स्तर पर किसी तरह का विरोध देखने को नहीं मिला। इससे पहले जब इसी क्षेत्र में बनी 58 इमारतों पर बुलडोजर चलाया गया था, तब लोगों ने विरोध जताया था, लेकिन इस बार पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न हुई।

1985 में लीज पर दिए गए थे भूखंड

उज्जैन विकास प्राधिकरण ने साल 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए भूखंड आवंटित किए थे। हालांकि, भूखंड धारकों ने इन्हें आवासीय उपयोग में लाने के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, जो नियमों के खिलाफ था। जिसके बाद 2014-15 में लीज अवधि समाप्त हो गई और प्राधिकरण ने इसका नवीनीकरण नहीं किया। बता दें कि जिन इमारतों पर यह कार्रवाई की गई है, वो कुल दो भूखंड थे, जिन पर छह इमारतें बना दी गई थीं और न्यायालय ने इनका स्टे खारिज कर दिया था।

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