करोड़पति हुए बाबा महाकाल: 472 करोड़ की FD और 90 करोड़ की जमीन, जानें कितनी है महाकाल मंदिर की कुल संपत्ति?
Mahakal Temple Wealth: महाकाल मंदिर की एफडी 472 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि सालाना आय बढ़कर 142 करोड़ रुपये हो गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से मंदिर की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।
- Reported By: अजय नीमा | Edited By: प्रीतेश जैन
महाकाल मंदिर उज्जैन(फोटो सोर्स:नवभारत)
Ujjain Mahakal Temple: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था अब मंदिर की आर्थिक स्थिति में भी साफ दिखाई दे रही है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की नवीनतम वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार बाबा महाकाल के खजाने में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर समिति के नाम पर बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक में करीब 472 करोड़ रुपये की सावधि जमा (एफडी) है। इसके अलावा मंदिर के नाम पर लगभग 90 एकड़ बहुमूल्य भूमि दर्ज है, जबकि करीब 16 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में नकद राशि के रूप में सुरक्षित हैं। यह आंकड़े मंदिर की लगातार मजबूत होती आर्थिक स्थिति को दर्शाते हैं।
वर्ष 2022 में महाकाल लोक कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इसका सीधा असर मंदिर की आय पर पड़ा है। श्रद्धालु नकद दान के अलावा ऑनलाइन माध्यमों, स्वर्ण-रजत आभूषणों और विभिन्न सेवा योजनाओं के माध्यम से भी उदारतापूर्वक योगदान दे रहे हैं। मंदिर परिसर में मिलने वाले विशेष लड्डू प्रसाद की बिक्री से भी मंदिर की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
एक साल में आय में 35 करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के वित्तीय लेखा-जोखा के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में मंदिर की कुल आय लगभग 107 करोड़ रुपये थी। वहीं 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच यह बढ़कर 142 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई। यानी एक वर्ष में मंदिर की आय में करीब 35 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और दान की परंपरा ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है।
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बढ़ी व्यवस्थाएं, बढ़ा खर्च भी
मंदिर में हर दिन लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा, साफ-सफाई, दर्शन व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी कारण कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई गई है। वर्तमान में मंदिर के रखरखाव, प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य सेवाओं पर करीब 11 करोड़ रुपये प्रतिमाह खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और दान का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है, जिससे महाकाल मंदिर देश के सबसे समृद्ध धार्मिक स्थलों में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है।
