उज्जैन में धूमधाम से निकली बाबा महाकाल की दशहरा सवारी, चांदी की पालकी में मनमहेश ने दिए दर्शन

Baba Mahakal Sawari : उज्जैन में विजयादशमी पर बाबा महाकाल की दशहरा सवारी धूमधाम से निकली। चांदी की पालकी में भगवान मनमहेश ने दर्शन दिए। दशहरा मैदान में शमी वृक्ष का पूजन हुआ।
Lord Manmahesh seated in a silver palanquin during the traditional Mahakal Dussehra procession
बाबा महाकाल की दशहरा सवारीफोटो सोर्स- नवभारत
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Highlights:

  • विजयादशमी पर उज्जैन में भगवान महाकाल की पारंपरिक दशहरा सवारी निकाली गई।

  • चांदी की पालकी में विराजित भगवान मनमहेश ने नगर भ्रमण कर श्रद्धालुओं को दर्शन दिए।

  • सवारी में पुलिस बैंड, घुड़सवार दल, भजन मंडलियां और वैदिक बटुकों की सहभागिता निर्धारित थी।

  • दशहरा मैदान में भगवान मनमहेश के पूजन के बाद शमी वृक्ष का पूजन हुआ।

  • शहर के विभिन्न स्थानों पर स्वागत मंच लगाकर श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का अभिनंदन किया।

Ujjain Mahakal Dussehra Sawari : धर्मनगरी उज्जैन में विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर को भगवान श्री महाकालेश्वर की पारंपरिक दशहरा सवारी धूमधाम से निकाली गई। चांदी की पालकी में विराजित भगवान मनमहेश ने नगर भ्रमण कर श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। सवारी के दर्शन के लिए मार्ग में बड़ी संख्या में भक्त उमड़े और जय श्री महाकाल के जयकारों से शहर का वातावरण भक्तिमय हो गया।

शाम 4 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में पूजन-अर्चन के बाद सवारी रवाना हुई। मंदिर परिसर के बाहर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने राजाधिराज भगवान महाकाल को सलामी दी। इसके बाद सवारी प्रमुख मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान की ओर बढ़ी। बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालु रास्ते में जगह-जगह मौजूद रहे।

फूलों की वर्षा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई शोभा

बाबा महाकाल की दशहरा सवारी को आकर्षक बनाने के लिए मार्ग पर विशेष सजावट की गई। आयोजन के लिए करीब एक लाख वर्गफीट क्षेत्र में रंगोली बनाने की तैयारी की गई थी। वहीं, ड्रोन के माध्यम से पालकी पर करीब 500 किलो फूलों की वर्षा का आयोजन रखा गया था।

5 LED रथों से हुआ प्रसारण

सवारी में पुलिस बैंड, घुड़सवार दल, सशस्त्र पुलिस बल और जनजातीय लोकनृत्य दल शामिल हुए। इसके साथ ही 10 भजन मंडलियों और 300 वैदिक बटुकों की सहभागिता निर्धारित थी। वैदिक मंत्रोच्चार, रजत ढोल वादन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सवारी की शोभा बढ़ाई। श्रद्धालुओं तक आयोजन पहुंचाने के लिए पांच एलईडी रथों के माध्यम से सवारी का प्रसारण भी किया गया।

दशहरा मैदान में हुआ भगवान मनमहेश का पूजन

श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकली सवारी गुदरी चौराहा, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा, सती गेट, नई सड़क, दौलतगंज, मालीपुरा, देवासगेट, चामुंडा चौराहा, टावर मार्ग, शहीद पार्क और अन्य प्रमुख मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंची। यहां भगवान मनमहेश का स्वागत कर पूजन किया गया। इसके बाद विजयादशमी की परंपरा के अनुसार शमी वृक्ष का पूजन संपन्न हुआ।

वापसी मार्ग पर भी श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

दशहरा मैदान में पूजन के बाद सवारी वापसी के लिए रवाना हुई। वापसी में सवारी देवास रोड, तीन बत्ती चौराहा, माधव क्लब रोड, फ्रीगंज ओवरब्रिज, देवासगेट, मालीपुरा, दौलतगंज चौराहा, इंदौर गेट, हरिफाटक ब्रिज, बेगमबाग और कोट मोहल्ला चौराहा सहित निर्धारित मार्गों से होते हुए महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए रवाना हुई।

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जगह-जगह स्वागत मंचों से हुआ बाबा का अभिनंदन

महाकाल की सवारी के स्वागत के लिए फ्रीगंज ओवरब्रिज, टावर चौक, मालीपुरा सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्वागत मंच लगाए गए। व्यापारियों और रहवासियों ने भगवान महाकाल के दर्शन कर उनका अभिनंदन किया। विजयादशमी पर निकली पारंपरिक सवारी में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और उज्जैन की वर्षों पुरानी परंपरा का संगम देखने को मिला।

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