उज्जैन: इंस्टाग्राम पर दोस्ती, नौकरी का झांसा… फिर अपहरण! 10 लाख की फिरौती लेकर छोड़े जाने का आरोप
Social Media Kidnapping Case: उज्जैन में इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद खौफनाक वारदात, नौकरी दिलाने के बहाने बुलाकर युवक का अपहरण, 10 लाख की फिरौती वसूल कर फ्रीगंज में छोड़ा, FIR दर्ज।
- Reported By: अजय नीमा | Edited By: सजल रघुवंशी
उज्जैन सोशल मीडिया किडनैपिंग केस (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ujjain Kidnapping Case: उज्जैन में सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती, नौकरी का झांसा और फिर कथित अपहरण व फिरौती का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नरवर निवासी हैदर पटेल ने नानाखेड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि सीहोर निवासी बताने वाली एक युवती ने इंस्टाग्राम पर उससे दोस्ती की। बातचीत के दौरान युवती ने नौकरी करने की इच्छा जताई। इस पर युवक ने अपने परिचित के यहां काम दिलाने की बात कही। युवती ने उज्जैन आकर नौकरी की जगह देखने की इच्छा जताई और 18 जुलाई की रात रेलवे स्टेशन से उसे लेने बुलाया।
फरियादी के अनुसार, वह रात करीब 9:15 बजे युवती को रेलवे स्टेशन से कार में बैठाकर नौकरी की साइट दिखाने के लिए निकला। आइकॉनिक होटल के पास से गुजरने के बाद जैसे ही कार तपोभूमि क्षेत्र की ओर पहुंची, तभी दो कारों में सवार 8 से 10 लोगों ने उसकी कार रोक ली।
पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित का आरोप है कि सभी लोगों ने खुद को हिन्दूवादी संगठन का सदस्य बताया और यह कहते हुए मारपीट शुरू कर दी कि वह नाबालिग लड़की को घुमा रहा है। इसी दौरान युवती भी बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगी। आरोप है कि हमलावरों ने युवक के कपड़े उतरवाकर उसका वीडियो बनाया, कार, मोबाइल, घड़ी और नकदी छीन ली तथा उसे जबरन दूसरी कार में बैठाकर ले गए।
सम्बंधित ख़बरें
संघर्ष से शिखर तक: सागर में क्रिकेटर क्रांति गौंड़ ने सुनाई प्रेरक कहानी, छात्राओं को दिया बड़ा संदेश
सीहोर में बाबरी घाट पर जान जोखिम में डालने को मजबूर ग्रामीण; मियाद खत्म होने के बावजूद नहीं हुआ नया टेंडर
‘पहले वोट चोरी और अब सीट चोरी…’ जबलपुर हाईकोर्ट में मीनाक्षी नटराजन ने दायर की याचिका; BJP पर साधा निशाना
‘RSS का एजेंडा राष्ट्रवादी है तो एक बार नहीं 100 बार लागू करेंगे’ UCC पर सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान- VIDEO
आरोपियों ने पीड़ित को बेरहमी से पीटा
फरियादी के मुताबिक, आरोपियों ने उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी और एक अज्ञात स्थान पर ले जाकर बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद उसके मोबाइल फोन से परिजनों को फोन करवाया गया। आरोप है कि पहले 50 लाख रुपये की मांग की गई और बाद में 26 लाख रुपये में बात तय हुई।
परिजनों ने प्लॉट बेचकर जुटाई फिरौती की रकम
पीड़ित का दावा है कि उसके परिजनों ने रातोंरात 22 लाख रुपये कीमत का प्लॉट महज 11 लाख रुपये में बेचकर रुपये जुटाए और आरोपियों को बताए गए स्थान पर 10 लाख रुपये पहुंचाए। इसके बाद 19 जुलाई की सुबह उसे फ्रीगंज स्थित पाकीजा के पास छोड़ दिया गया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
बाद में पीड़ित ने दावा किया कि घटना में हिन्दू वादी संघठन का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था। उसने यह भी कहा कि संगठन के कार्यकर्ताओं की मदद से ही वह नानाखेड़ा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करा सका।
यह भी पढ़ें: संघर्ष से शिखर तक: सागर में क्रिकेटर क्रांति गौंड़ ने सुनाई प्रेरक कहानी, छात्राओं को दिया बड़ा संदेश
सीएसपी श्वेता गुप्ता ने बताया कि फरियादी हैदर पटेल की शिकायत पर नानाखेड़ा थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फरियादी ने लोकेश शर्मा नाम के एक व्यक्ति को पहचानकर नामजद किया है, जबकि 5 से 7 अन्य आरोपियों के शामिल होने की बात कही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
