सीहोर में बाबरी घाट पर जान जोखिम में डालने को मजबूर ग्रामीण; मियाद खत्म होने के बावजूद नहीं हुआ नया टेंडर
Sehore News: सीहोर के बाबरी घाट पर जिंदगी से खिलवाड़, टेंडर खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से चल रही नाव, तेज बहाव में उतरकर नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण, शिकायत पर भी प्रशासन मौन।
- Reported By: विजेंद्र सिंह राणा | Edited By: सजल रघुवंशी
सीहोर में जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण (सोर्स- नवभारत लाइव)
Villagers Risk Lives At Babri Ghat Sehore: सीहोर जिले की भेरूंदा तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम बाबरी के बाबरी घाट पर जिला व जनपद प्रशासन की एक गंभीर लापरवाही और बेरुखी सामने आ रही है। घाट पर प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं और मासूम बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नदी में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, इसके बावजूद नाव ठेकेदार नाव को सुरक्षित किनारे तक नहीं ला रहा है। ठेकेदार गर्मी के दिनों वाले पुराने और दूरस्थ स्थान से ही नाव का संचालन कर रहा है। इसके चलते ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों को नाव तक पहुँचने के लिए गहरे और तेज बहाव वाले पानी में पैदल उतरना पड़ रहा है। जरा सी चूक या पैर फिसलने की वजह से बड़ी अनहोनी हो सकती है।
टेंडर की समय-सीमा खत्म, फिर भी ठेकेदार पर मेहरबानी
हैरानी की बात यह है कि इस नाव ठेकेदार के टेंडर की मियाद काफी समय पहले ही समाप्त हो चुकी है। क्षेत्र के अन्य घाटों के टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, लेकिन बाबरी घाट का नया टेंडर अभी तक जारी नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि समय-सीमा खत्म होने के बावजूद अवैध रूप से ठेकेदार को नाव चलाने की छूट दी जा रही है।
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शिकायत के एक महीने बाद भी स्थिति जस की तस
ग्राम बाबरी के जागरूक ग्रामीणों ने इस अनियमतता और जानलेवा स्थिति के खिलाफ जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, एक महीना बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन की ओर से न तो कोई जांच की गई और न ही ठेकेदार पर कोई कार्रवाई हुई है।
जनता का सवाल: क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार है?
स्थानीय निवासियों में इस जिला प्रशासन की उपेक्षा को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीण अब सवाल उठा रहे हैं कि आखिर मियाद खत्म होने के बाद भी इस ठेकेदार पर किसकी मेहरबानी है? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?
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ग्रामीणों ने मांग की है कि लापरवाह ठेकेदार पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और बाबरी घाट के लिए पारदर्शी तरीके से नया टेंडर जल्द से जल्द निकाला जाए ताकि लोगों को इस खतरे से निजात मिल सके।
