उज्जैन में चिंतामन गणेश का विशेष श्रृंगार, 10 दिन रोज बदलेगा स्वरूप, सवा लाख लड्डुओं का लगेगा भोग

Ujjain Ganesh Temple : उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर में गणेशोत्सव की शुरुआत, भगवान का विशेष श्रृंगार हुआ। 10 दिनों तक अलग-अलग स्वरूप और सवा लाख लड्डुओं का भोग लगेगा।
Ujjain Chintaman Ganesh Temple
उज्जैन का चिंतामन गणेश मंदिरफोटो सोर्स- नवभारत
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Ujjain Chintaman Ganesh Temple : उज्जैन के अति प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर में गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई है। उत्सव के पहले दिन भगवान चिंतामन गणेश का मोर पंख, चांदी के आभूषण और आकर्षक वस्त्रों से विशेष श्रृंगार किया गया। सुबह से ही भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर परिसर गणपति के जयकारों और भक्तिभाव से गूंजता रहा।

मंदिर के पुजारी उमाशंकर के अनुसार, चिंतामन गणेश मंदिर मालवा क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां एक ही गर्भगृह में भगवान गणेश के तीन स्वरूप—चिंतामन गणेश, इच्छामन गणेश और सिद्धिविनायक गणेश—विराजमान हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने यहां भगवान गणेश की पूजा की थी।

10 दिनों तक रोज होगा विशेष श्रृंगार

गणेशोत्सव के दौरान 10 दिनों तक भगवान गणेश का प्रतिदिन अलग-अलग स्वरूपों में विशेष श्रृंगार किया जाएगा। हर दिन लड्डुओं का भोग लगाकर प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। मंदिर की परंपरा के अनुसार पूरे गणेशोत्सव के दौरान करीब सवा लाख लड्डुओं का भोग भगवान को अर्पित किया जाएगा।

मनोकामना लेकर देशभर से पहुंचते हैं भक्त

चिंतामन गणेश मंदिर में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। विवाह, संतान और परिवार से जुड़ी मनोकामनाओं के लिए भक्त भगवान गणेश की पूजा करते हैं। गणेशोत्सव के दौरान कई श्रद्धालु ऐसे भी होते हैं, जो लगातार 10 दिनों तक मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन करते हैं।

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उज्जैन के 'युवराज' के रूप में पूजे जाते हैं चिंतामन गणेश

पुजारी उमाशंकर ने बताया कि धार्मिक मान्यता में बाबा महाकाल को उज्जैन का राजा माना जाता है, जबकि चिंतामन गणेश को शहर के युवराज के रूप में श्रद्धालु पूजते हैं। मंदिर के जीर्णोद्धार से जुड़ी मान्यता भी रानी अहिल्याबाई होलकर से जुड़ी हुई है। गणेशोत्सव के अवसर पर प्राचीन चिंतामन धाम में आस्था, परंपरा और भक्ति का विशेष संगम देखने को मिल रहा है।

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