सिंहस्थ-2028: हिंदू-मुस्लिम सहित हर समाज उज्जैन के विकास के इस महा-अभियान में दे रहा अपना योगदान

Ujjain Road Widening : सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम तेज है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के पैतृक मकान समेत कई भवनों और धार्मिक संरचनाओं को लोग खुद हटा रहे हैं।
Public participation in Ujjain road widening work for Simhastha 2028
उज्जैन के विकास के लिए जनभागीदारीफोटो सोर्स- नवभारत
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Ujjain Simhastha 2028 : सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के साथ उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए शहर में सड़क, यातायात और आवागमन की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया में सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले निजी भवनों और धार्मिक संरचनाओं के प्रभावित हिस्सों को हटाने का काम भी चल रहा है।

उज्जैन के अब्दालपुरा क्षेत्र में खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक 700 मीटर से अधिक मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है। इस परियोजना में 270 से अधिक भवन प्रभावित बताए गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान भी शामिल है। 27 सितंबर को मुख्यमंत्री स्वयं अपने पैतृक घर पहुंचे और विधि-विधान से पूजन के बाद प्रभावित हिस्से को हटाने की शुरुआत की। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने खुद फावड़ा चलाकर इस प्रक्रिया की शुरुआत की।

अलग-अलग समाजों के भवन और धार्मिक संरचनाएं भी प्रभावित

सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया केवल निजी मकानों तक सीमित नहीं है। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग के चौड़ीकरण में कई भवनों और धार्मिक संरचनाओं के हिस्से प्रभावित क्षेत्र में आ रहे हैं। प्रशासन की योजना के तहत सड़क के प्रस्तावित अलाइनमेंट में आने वाले ढांचों को हटाने या उनमें आवश्यक बदलाव करने की प्रक्रिया चल रही है। इस पूरी प्रक्रिया में प्रभावित लोगों और संबंधित पक्षों के साथ सहमति और संवाद का विषय भी सामने आया है।

शाही मस्जिद का हिस्सा भी सड़क चौड़ीकरण की जद में

शाही मस्जिद का प्रभावित हिस्सा भी इसी सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़ा है। 28 सितंबर को यहां कार्रवाई के दौरान विरोध और पुलिस के साथ झड़प की स्थिति बनी। पुलिस पर पथराव की घटना के बाद आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्टों के अनुसार मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया गया और FIR भी दर्ज की गईं। बाद में शाही मस्जिद से जुड़े पक्षों और नगर निगम के बीच समझौते की जानकारी सामने आई और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में इससे संबंधित दो अपीलों का निपटारा किया गया।

विकास कार्य के साथ प्रभावित लोगों की चिंता भी अहम

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य श्रद्धालुओं के आवागमन और यातायात व्यवस्था को बेहतर करना बताया जा रहा है। इसके साथ ही जिन परिवारों, दुकानदारों या धार्मिक संस्थानों की संपत्तियां परियोजना से प्रभावित हो रही हैं, उनकी चिंताओं का समाधान भी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शाही मस्जिद का घटनाक्रम बताता है कि ऐसे मामलों में विकास कार्य के साथ स्थानीय सहमति, संवाद और कानून-व्यवस्था का संतुलन भी जरूरी है।

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सिंहस्थ की तैयारियों में जनभागीदारी की तस्वीर

उज्जैन में चल रहे सड़क चौड़ीकरण के काम में मुख्यमंत्री मोहन यादव के पैतृक मकान सहित आम लोगों की संपत्तियां और धार्मिक संरचनाओं के प्रभावित हिस्से शामिल हैं। ऐसे में सिंहस्थ की तैयारियां केवल सरकारी निर्माण परियोजनाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों की भागीदारी भी इससे जुड़ रही है। आने वाले समय में सड़क, यातायात और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कामों के साथ प्रभावित पक्षों के साथ संवाद इस पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा रहेगा।

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