महाकुंभ की तर्ज पर सजेगी अवंतिका! सिंहस्थ के लिए बनेगा संयुक्त कंट्रोल रूम; 3100 हेक्टेयर का होगा मेला क्षेत्र
Simhastha 2028: करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए रेलवे और प्रशासन का मेगा प्लान। भोपाल में हुई हाई-लेवल मीटिंग, डिजिटल सुरक्षा और नए स्टेशनों पर बनी रणनीति।
- Written By: सजल रघुवंशी
Simhastha 2028 (सोर्स- सोशल मीडिया)
Simhastha 2028 Ujjain Preparations: सिंहस्थ 2028 के सुरक्षित और सफल आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में पुलिस, रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, रेल संचालन और बुनियादी ढांचे को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में कैलाश मकवाना ने कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बेहद आवश्यक है। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ के अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक रहने की संभावना है, इसलिए पहले से चरणबद्ध योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित करने, अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग निर्धारित करने तथा प्रमुख अवसरों पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में आधुनिक तकनीकों पर दिया गया जोर
बैठक में आधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC), रियल-टाइम मॉनिटरिंग, सीसीटीवी कवरेज और डिजिटल समन्वय जैसे उपायों को लागू करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, फुटओवर ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाने, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने और अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की तैयारी पर भी चर्चा हुई।
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रेलवे के जरिए आ सकते हैं 2 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सिंहस्थ 2028 के दौरान करीब 2 से 2.5 करोड़ श्रद्धालुओं के रेल मार्ग से आने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन, सैटेलाइट स्टेशनों के विकास, होल्डिंग एरिया, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की योजना बनाई जा रही है। वहीं उज्जैन में मेला क्षेत्र को लगभग 3100 हेक्टेयर में विकसित किया जा रहा है, जहां शाही स्नान के अवसर पर एक ही दिन में करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
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आपात स्थिति से निपटने पर भी दिया जोर
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संयुक्त टीमें हर समय तैयार रहेंगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, मेडिकल टीमों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने भरोसा जताया कि बेहतर रणनीति, आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग और सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से सिंहस्थ 2028 का आयोजन सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल तरीके से संपन्न कराया जा सकेगा।
