सनातन को कलंकित कर रहे ढोंगी साधुओं पर भड़कीं साध्वी हर्षानंद गिरी; अखाड़ा परिषद से निष्कासन की उठाई मांग

Sadhvi Harshanand Giri Statement: मॉडल से साध्वी बनीं हर्षानंद गिरी का सोशल मीडिया पर तीखा वीडियो वायरल, कथित ढोंगी संतों व आपराधिक मामलों पर मुखर होकर उठाई आवाज।
Sadhvi Harshanand Giri demands action against fake sadhus
साध्वी हर्षानंद गिरी(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Sadhvi Harshanand Giri Demands Action Against Fake Sadhus: मॉडल से साध्वी बनीं हर्षानंद गिरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कथित ढोंगी संतों और धार्मिक क्षेत्र में सामने आ रहे आपराधिक मामलों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के आचरण और आपराधिक गतिविधियों के कारण पूरे संत समाज और सनातन धर्म की छवि प्रभावित होती है। साध्वी ने बिहार के समस्तीपुर में नाबालिग से जुड़े चर्चित मामले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म और संत परंपरा के नाम पर किसी भी तरह के गलत आचरण को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

हर्षानंद गिरी ने अपने वीडियो में मथुरा, वृंदावन, हरिद्वार, जबलपुर और उज्जैन से जुड़े कुछ चर्चित मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने हिम्मत गिरी, महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी और महामंडलेश्वर ज्ञानदास सहित कुछ संतों के नाम लेते हुए उनके खिलाफ सामने आए आरोपों का हवाला दिया। साध्वी ने दावा किया कि कुछ मामलों में यौन शोषण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। हालांकि, इन मामलों में लगाए गए आरोपों और उनके कानूनी परिणामों की स्थिति अलग-अलग हो सकती है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच व न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे।

संत समाज में नियमों को लेकर उठाई मांग

साध्वी हर्षानंद गिरी ने अखाड़ा परिषद से संत समाज के लिए कड़े नियम बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी साधु या संत पर गंभीर आपराधिक मामला दर्ज होता है और वह जेल जाता है, तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ संत समाज के स्तर पर भी कार्रवाई की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने ऐसे लोगों को अखाड़ों और संत समाज से निष्कासित करने के लिए स्पष्ट नियम बनाने की बात कही। उनका कहना है कि इससे धार्मिक संस्थाओं की जवाबदेही तय होगी और संत परंपरा से जुड़े लोगों की प्रतिष्ठा भी बनी रहेगी।

फिल्म में माता सीता की भूमिका पर भी आपत्ति

सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए वीडियो में हर्षानंद गिरी ने फिल्म ‘महाकाव्य रामायण कथा श्री राम की’ को लेकर भी अपनी आपत्ति जताई। उन्होंने फिल्म में अंजलि अरोड़ा को माता सीता की भूमिका दिए जाने और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा फिल्म के प्रमोशन किए जाने पर सवाल उठाए। साध्वी ने धार्मिक पात्रों के चित्रण को लेकर अपनी असहमति जाहिर करते हुए कहा कि रामायण और उससे जुड़े पात्र करोड़ों लोगों की आस्था का विषय हैं, इसलिए इनके चित्रण को लेकर विशेष संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए।

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बोलीं- गलत आचरण का खुलकर विरोध जरूरी

हर्षानंद गिरी ने कहा कि सनातन परंपरा में साधु-संतों का स्थान सम्मान का है, लेकिन इस सम्मान का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के साधु का चोला पहन लेने मात्र से उसके हर आचरण को सही नहीं माना जा सकता। गंभीर आरोपों के मामलों में निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई जरूरी है। साध्वी ने संत समाज और धार्मिक संस्थाओं से भी ऐसे मामलों में स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की। उनका कहना है कि सनातन धर्म की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए आपराधिक गतिविधियों और कथित दुराचार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।

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