ट्विशा शर्मा समेत अन्य लड़कियों की मौत पर भड़कीं साध्वी हर्षानंद गिरी, दहेज प्रथा को बताया जिम्मेदार

Harshanand Giri Statement: साध्वी हर्षानंद गिरी ने ट्विशा, पलक और दीपिका केस को लेकर समाज और दहेज प्रथा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इन मौतों का जिम्मेदार दहेज को बताते हुए इसे खत्म करने की मांग की है।
Harshanand Giri On Twisha Case
साध्वी हर्षानंद गिरी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Harshanand Giri On Twisha Case: राजधानी भोपाल के ट्विशा शर्मा केस, ग्वालियर के पलक रजक केस और नोएडा के दीपिका नागर हत्याकांड को लेकर साध्वी हर्षानंद गिरि (पूर्व में हर्षा रिछारिया) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इन मौतों का जिम्मेदार दहेज को बताया है।

साध्वी हर्षानंद गिरि ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर कहा कि आप अपनी बेटी को ये सोचकर ससुराल भेजते हैं कि आपने पर्याप्त दिया है, लेकिन मुंह पर दहेज का खून लग गया तो वे भूख खत्म नहीं होगी। जिस दिन दहेज नहीं मिलेगा, उस दिन आपकी बेटी का अंत निश्चित है। उन्होंने कहा कि ये तीनों बेटियां दहेज की बलि चढ़ी हैं।

एक दिन में आत्महत्या का फैसला नहीं करती बेटी

साध्वी ने महिलाओं पर होने वाली मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना पर भी प्रकाश डाला। उनका कहना था कि जो महिलाएं आत्महत्या जैसा कदम उठाती हैं, वे एक दिन में यह निर्णय नहीं लेतीं, बल्कि लंबे समय तक प्रताड़ना सहती हैं। जो इंसान मौत को गले लगाता है, वह पहले हर दिन से मर रहा होता है।

महिला को बदमान करने की कोशिश होती है

इसके साथ ही साध्वी हर्षानंद गिरि ने मृतक महिलाओं के चरित्र हनन की घटनाओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा कि कई मामलों में पीड़िता की मौत के बाद ससुराल पक्ष उसके परिवार को बदनाम करने की कोशिश करता है, जो मृतक परिवार के लिए दूसरी सजा बन जाती है। महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं है, जबकि पुरुष समाज की मानसिकता कई बार गलत संदेश और पूर्वाग्रह फैलाती है।

न्याय के लिए लड़नी पड़ती है लंबी लड़ाई

साध्वी हर्षानंद गिरि के अनुसार बेटी खोने के बाद माता-पिता को न्याय दिलाने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है। उन्हें अपनी बेटी को निर्दोष साबित करने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए एक और संघर्ष करना पड़ता है।

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