

Highlights:
पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी, देश के 9.34 करोड़ किसानों को मिला लाभ।
किसानों के खातों में 18,680 करोड़ रुपए की राशि अंतरित।
उज्जैन जिले के करीब 2 लाख किसान योजना से हो रहे लाभान्वित।
केंद्र और राज्य की योजनाओं से किसानों को सालाना 12 हजार रुपए की सहायता।
सीएम मोहन यादव ने एलिवेटेड कॉरिडोर की भुजा मंडी में उतारने की घोषणा की।
CM Mohan Yadav Ujjain Visit : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन कृषि उपज मंडी में आयोजित पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त हस्तांतरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के खातों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए दे रही है। इस तरह दोनों योजनाओं को मिलाकर पात्र किसानों को सालाना 12 हजार रुपए की सहायता मिल रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलड़ी गांव से पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की। सिंगल क्लिक के माध्यम से देश के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में कुल 18,680 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। योजना के तहत मध्यप्रदेश के करीब 80 लाख और उज्जैन जिले के लगभग 2 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हित में पीएम किसान सम्मान निधि जैसी महत्वपूर्ण योजना शुरू की है। हमारी सरकार किसानों को बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ किसान सम्मान निधि और लाड़ली बहना जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने देश और विदेश में भारत का मान बढ़ाया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों की मांग पर बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आगर नाका से हरिफाटक तक निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर की एक भुजा कृषि उपज मंडी में उतारी जाएगी। इससे आगर रोड पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और किसानों के ट्रैक्टर व अन्य वाहन सीधे मंडी तक पहुंच सकेंगे। इस घोषणा को मंडी आने वाले किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में देखा जा रहा है।