

Highlights:
कैबिनेट बैठक में भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं का मुद्दा उठा, सीएम मोहन यादव ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
EOW के लिए 345 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
नगरीय निकायों से जुड़े मामलों में 392 लोगों पर कार्रवाई की जानकारी दी गई।
दिसंबर के तीसरे सप्ताह में सेवा चिंतन और नीति चिंतन शिविर आयोजित होंगे।
छिंदवाड़ा, सागर, सिवनी और मुरैना से जुड़ी योजनाओं के लिए 3,378 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
MP Cabinet Meeting : मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं का मुद्दा उठा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि ऐसा नहीं चलेगा और गड़बड़ियों पर कार्रवाई की जाए। नगरीय प्रशासन से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ आर्थिक अनियमितताओं पर कार्रवाई और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर भी चर्चा हुई। इसके अलावा सरकार ने दिसंबर में दो बड़े चिंतन शिविर आयोजित करने की तैयारी की जानकारी दी।
कैबिनेट बैठक में आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जानकारी दी गई। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के लिए 345 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। वहीं, नगरीय निकायों से जुड़े मामलों में 392 लोगों पर कार्रवाई का उल्लेख किया गया। इन मामलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक की मदद लिए जाने की जानकारी भी सामने आई। बैठक में अनियमितताओं पर निगरानी और कार्रवाई को लेकर सरकार के रुख पर चर्चा हुई।
मोहन सरकार दिसंबर के तीसरे सप्ताह में सेवा चिंतन शिविर आयोजित करने जा रही है। इसमें प्रदेश के सभी विधायक, सांसद और मंत्री शामिल होंगे। इसके अलावा नीति चिंतन शिविर भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिकारी शामिल होंगे। इन दोनों आयोजनों के जरिए जनसेवा और सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। हालांकि, दोनों शिविरों की विस्तृत कार्यसूची की जानकारी सामने नहीं आई है।
बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं को जारी रखने और छिंदवाड़ा, सागर, सिवनी तथा मुरैना से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल 3,378 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। किसान कल्याण वर्ष के तहत अब तक किए गए कार्यों का प्रेजेंटेशन भी दिया गया। प्रदेश के 12 जिलों में अल्पवर्षा की स्थिति और उससे जुड़े मापदंडों पर चर्चा हुई। सरकार ने जिलेवार आकलन के आधार पर किसानों को सहयोग देने की बात कही।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट को सेवा संकल्प अभियान के तहत किए गए कार्यों की जानकारी दी। अभियान के अंतर्गत 1,345 सेवा शिविर लगाए गए, जबकि 1,600 से अधिक सेवा ज्योति यात्राएं निकाली गईं। नमो सेवा नुक्कड़ टोली के माध्यम से भी जनसेवा से जुड़े प्रयास किए गए। बैठक में पिछले दो सप्ताह के दौरान प्रदेश को मिले पुरस्कारों की जानकारी भी साझा की गई। इनमें कृषि, पोषण, पर्यटन और बिजली ट्रांसमिशन में पावर लॉस कम करने से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख किया गया।
दीपावली के अवसर पर पारंपरिक माटी कला को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में पहल करने के निर्देश दिए। लोगों को मिट्टी के दीये खरीदने और स्थानीय कुम्हारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बैठक में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और पारंपरिक कारीगरों को सहयोग देने पर भी जोर दिया गया।
कैबिनेट बैठक में 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती, 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस और 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के आयोजनों को लेकर भी जानकारी साझा की गई। इसके साथ ही भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय फिशरीज नीति कार्यक्रम और इंदौर सेमीकंडक्टर समिट का उल्लेख किया गया। बैठक में जनसेवा, किसान कल्याण, विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े विषय प्रमुख रहे।