13 साल से पैरालिसिस पीड़ित मरीज को बनाया निशाना; 2 घंटे के फर्जी इलाज के बाद थमाया ₹3.35 लाख का बिल

Fake Treatment Case Ujjain: चमत्कारी इलाज के नाम पर ठगी की कोशिश, 13 साल से लकवा पीड़ित मरीज के हाथ में लगाए 72 कट, फिर थमाया ₹3.35 लाख का बिल, सतर्क परिजनों ने बैंक से चेक रुकवाकर बचाए पैसे।
Paralysis patient billed ₹3.35 lakh after alleged fake treatment
उज्जैन में मेडिकल ठगी(सोर्स- एआई जनरेटेड इमेज)
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Medical Fraud Case Ujjain: उज्जैन के माधवनगर (सेठीनगर) क्षेत्र में चमत्कारी इलाज के नाम पर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 13 वर्षों से पैरालिसिस (लकवा) से पीड़ित एक मरीज को कथित डॉक्टर ने पूरी तरह ठीक करने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने की कोशिश की। हालांकि परिजनों की सतर्कता से समय रहते बैंक में चेक का स्टॉप पेमेंट करा दिया गया, जिससे बड़ी आर्थिक ठगी टल गई। मामले की शिकायत माधवनगर थाना पुलिस से की गई है।

पीड़ित अमितेश शुक्ला ने बताया कि 29 जुलाई को खुद को “डॉक्टर रुस्तम” बताने वाला व्यक्ति उनके घर पहुंचा। उसने दावा किया कि वह वर्षों पुराना पैरालिसिस ठीक कर सकता है। शुरुआत में उसने ₹1,000 विजिट फीस ली और ₹4,500 में विशेष प्रक्रिया करने की बात कहकर इलाज शुरू किया।

हाथ पर लगाए दर्जनों कट

परिजनों के अनुसार, कथित डॉक्टर ने बिना किसी मेडिकल योग्यता का प्रमाण दिखाए मरीज के हाथ पर करीब 72 छोटे-छोटे कट लगा दिए। इसके बाद उसने घाव से निकले सफेद रंग के गाढ़े पदार्थ को बीमारी का कारण बताते हुए दावा किया कि इसे निकालने से मरीज ठीक हो जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद मरीज के हाथ में दर्द, कमजोरी और सुन्नपन की शिकायत बढ़ गई।

इलाज के बाद थमाया लाखों का बिल

करीब दो घंटे तक कथित इलाज करने के बाद आरोपी ने अचानक ₹3.35 लाख का बिल परिजनों के सामने रख दिया। आरोप है कि उसने मरीज की पत्नी पर तत्काल भुगतान का दबाव बनाया और इलाज अधूरा छोड़ने का डर दिखाया। घबराए परिजनों ने ₹3 लाख का चेक दे दिया, जिसके बाद आरोपी वहां से चला गया।

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समय रहते रुकी ठगी

आरोपी के व्यवहार पर संदेह होने के बाद परिजनों ने तुरंत बैंक पहुंचकर चेक का स्टॉप पेमेंट करा दिया। इससे लाखों रुपये की ठगी होने से बच गई। इसके बाद परिवार ने माधवनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उज्जैन पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और कथित फर्जी डॉक्टर की तलाश की जा रही है।

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