उज्जैन: रामघाट पर नाजिया खान ने किया पूर्वजों का तर्पण, बकरीद पर कुर्बान होने वाले जानवरों के लिए भी की बात

Nazia Ilahi Khan News: उज्जैन के रामघाट पर अधिवक्ता नाजिया इलाही खान ने पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण किया। उन्होंने इस्लामिक मान्यताओं पर सवाल उठाए और सनातन धर्म अपनाने के संकेत दिए।
Advocate Nazia Ilahi Khan performing Shradh and Tarpan rituals
नाजिया खान ने किया तर्पणफोटो सोर्स- नवभारत
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Highlights:

  • उज्जैन के रामघाट पर अधिवक्ता नाजिया इलाही खान ने पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण किया।

  • बकरीद पर कुर्बान किए जाने वाले जानवरों की मुक्ति के लिए भी तर्पण-पिंडदान की बात कही।

  • कुरान और इस्लामिक मान्यताओं को लेकर उठाए सवाल, अपने फैसले को बताया जीवन का सबसे खूबसूरत निर्णय।

  • सनातन धर्म अपनाने के दिए संकेत, लेकिन औपचारिक घोषणा की पुष्टि नहीं।

Nazia Ilahi Khan Ujjain Tarpan : महाकाल की नगरी उज्जैन में शिप्रा नदी के रामघाट पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता नाजिया इलाही खान ने अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध और तर्पण किया। इस दौरान उन्होंने बकरीद पर कुर्बान किए जाने वाले जानवरों की मुक्ति के लिए भी तर्पण और पिंडदान करने की बात कही। रामघाट पर धार्मिक अनुष्ठान के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने फैसले और धार्मिक मान्यताओं को लेकर विचार साझा किए।

मीडिया से चर्चा के दौरान नाजिया इलाही खान ने कहा कि 35 साल की उम्र में उन्होंने जितने भी फैसले लिए हैं, उनमें यह उनके जीवन का सबसे खूबसूरत निर्णय है। उन्होंने अपने पूर्व धर्म और इस्लामिक मान्यताओं को लेकर सवाल उठाए। नाजिया ने कहा कि वह ऐसी मान्यताओं से क्या सीखें, जिनमें उन्हें अपने पूर्वजों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं मिलती। उनके इस कदम और बयानों के बाद धार्मिक व सामाजिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई।

कुरान और इस्लामिक मान्यताओं पर उठाए सवाल

नाजिया इलाही खान ने कुरान में पैगंबर मोहम्मद के माता-पिता और पूर्वजों के उल्लेख को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आलोचकों से कहा कि वे इस्लामिक पुस्तकों से संबंधित आयतें सामने रखें। उनके ये बयान उनके व्यक्तिगत विचार हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। उनके सवालों के बाद धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं और व्यक्तिगत आस्था को लेकर बहस शुरू हो गई है।

दूसरे धर्मों के लोगों का दिया उदाहरण

नाजिया इलाही खान ने कहा कि यहूदी, जैन और दूसरे धर्मों के लोग गया जी सहित विभिन्न तीर्थस्थलों पर जाकर अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध और तर्पण कर सकते हैं, तो मुस्लिम समुदाय के किसी व्यक्ति के ऐसा करने पर सवाल क्यों उठाए जाने चाहिए? उन्होंने अपने निर्णय को व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा कदम बताया। उनके बयान ने पूर्वजों के प्रति सम्मान और धार्मिक परंपराओं को लेकर एक नई चर्चा को जन्म दिया है।

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सनातन धर्म अपनाने के दिए संकेत

रामघाट पर तर्पण के बाद नाजिया इलाही खान ने संकेत दिए कि वह भविष्य में सनातन धर्म अपनाने की दिशा में अगला कदम उठा सकती हैं। हालांकि, उनके धर्म परिवर्तन को लेकर किसी औपचारिक घोषणा या प्रक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है। उज्जैन में तर्पण और मीडिया से बातचीत के बाद अब उनके अगले कदम को लेकर चर्चा हो रही है।

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