

भोपाल में भाजपा महिला मोर्चा का कांग्रेस कार्यालय घेराव।
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसद को लेकर अलग-अलग जवाब।
JNU मामले के विरोध में प्रदर्शन, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका।
पुतला दहन के बीच प्रदर्शन के मुद्दे पर उठे सवाल।
BJP Protest In Bhopal With Unclear Target: राजधानी भोपाल में शनिवार को भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने के लिए सड़क पर उतरीं। रेडक्रॉस अस्पताल से रैली के रूप में निकलीं महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ने लगीं। हालांकि, पुलिस ने रास्ते में ही बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुतला दहन भी किया।
लेकिन इस प्रदर्शन में एक ऐसा पहलू सामने आया, जिसने विरोध के मुद्दे को लेकर सवाल खड़े कर दिए। जब नवभारत ने मौके पर मौजूद अलग-अलग महिला कार्यकर्ताओं से बातचीत कर पूछा कि आखिर यह प्रदर्शन किसके खिलाफ और किस मुद्दे को लेकर किया जा रहा है, तो जवाब एक जैसे नहीं मिले।
प्रदर्शन में शामिल तीन महिला कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान तीन अलग-अलग जवाब सामने आए। किसी ने इसे कांग्रेस के एक सांसद के विरोध में आयोजित प्रदर्शन बताया, तो किसी ने राहुल गांधी के खिलाफ विरोध की बात कही। वहीं, एक अन्य कार्यकर्ता ने प्रियंका गांधी का विरोध करने की बात कही। एक ही प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं के जवाबों में विरोध के केंद्र को लेकर स्पष्टता नजर नहीं आई। सवाल यह उठा कि जब प्रदर्शन किसी नेता और मुद्दे के खिलाफ किया जा रहा था, तो क्या उसमें शामिल सभी कार्यकर्ताओं को इसकी पूरी जानकारी थी?
दरअसल, इस प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़ा मामला भी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच के बाद 9 अक्टूबर 2026 को JNU ने उन्हें प्रोफेसर के पद से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया। उन पर महिला विद्यार्थियों के यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोप लगे थे।
राजधानी भोपाल में नवभारत लाइव से बातचीत के दौरान एक महिला कार्यकर्ता ने भी प्रदर्शन को इसी कांग्रेस सांसद के विरोध से जोड़कर बताया। हालांकि, बाकी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का नाम लिया। ऐसे में मौके पर बातचीत के दौरान प्रदर्शन के उद्देश्य को लेकर अलग-अलग जवाब सामने आए।
प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन भी किया गया। लेकिन जब कार्यकर्ताओं के जवाबों में अलग-अलग नाम सामने आए, तो सवाल उठा कि आखिर पुतला किसका जलाया गया और उसके पीछे क्या कारण था? एक ओर प्रदर्शन को JNU मामले से जोड़कर देखा जा रहा था, वहीं दूसरी ओर कुछ कार्यकर्ताओं ने इसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के विरोध का प्रदर्शन बताया। ऐसे में प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं के बीच मुद्दे को लेकर एकरूपता नहीं दिखी।
भोपाल में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की इस रैली में नारेबाजी, पुलिस की बैरिकेडिंग और पुतला दहन देखने को मिला। लेकिन नवभारत के सवालों पर सामने आए अलग-अलग जवाबों ने प्रदर्शन की तैयारी और उसके संदेश को लेकर सवाल खड़े कर दिए।
नवभारत का सवाल: जब प्रदर्शन एक मुद्दे को लेकर किया जा रहा है, तो क्या उसमें शामिल कार्यकर्ताओं को यह स्पष्ट नहीं होना चाहिए कि विरोध किसका और किस वजह से किया जा रहा है?