

Ujjain Nagchandreshwar Temple : नाग पंचमी के पावन पर्व पर सोमवार मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर के पट शुभ मुहूर्त में खोले गए। पट खुलते ही देशभर से उज्जैन पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए भगवान नागचन्द्रेश्वर के दर्शन शुरू हो गए। साल में केवल एक बार खुलने वाले इस मंदिर में दर्शन के लिए मध्यरात्रि से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया।
पट खुलने के बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के महंत श्री विनीतगिरी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर का पूजन-अभिषेक किया। प्राचीन प्रतिमा और शिवलिंग का अभिषेक कर विशेष पूजा-अर्चना की गई। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।
भगवान नागचन्द्रेश्वर के पूजन-अभिषेक के दौरान संभाग आयुक्त आशीष सिंह, अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक सहित मंदिर प्रबंध समिति के अधिकारी और अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे। पूजन संपन्न होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए।
भगवान नागचन्द्रेश्वर का मंदिर महाकालेश्वर मंदिर के द्वितीय तल पर स्थित है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके पट साल में केवल एक बार नाग पंचमी के अवसर पर 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं। इसी वजह से भगवान नागचन्द्रेश्वर के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार नाग पंचमी के दिन भगवान नागचन्द्रेश्वर के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। प्राचीन प्रतिमा और शिवलिंग के दर्शन के लिए भक्तों में खास उत्साह रहता है। नाग पंचमी के इस विशेष संयोग के चलते मध्यरात्रि से ही श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचने लगे और मंदिर परिसर में आस्था का सैलाब दिखाई दिया।
नाग पंचमी को देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति और जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दर्शन व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
भगवान नागचन्द्रेश्वर मंदिर के पट 17 अगस्त की रात 12 बजे तक खुले रहेंगे। इसके बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे और श्रद्धालुओं को अगले नाग पंचमी पर्व तक भगवान नागचन्द्रेश्वर के दर्शन का इंतजार करना होगा। 24 घंटे के इस विशेष दर्शन पर्व को लेकर उज्जैन में धार्मिक उत्साह और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी हुई है।