

Gopal Bhargav Statement : सागर जिले के रहली से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है। रहली में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भार्गव ने कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री है और उसे किसी से मुख्यमंत्री होने का प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कार्यक्रम में गोपाल भार्गव ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता अपने आप में मुख्यमंत्री है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री भी कहते हैं कि भाजपा का हर कार्यकर्ता प्रधानमंत्री है। भार्गव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें किसी की बातों की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
अपने चिर-परिचित अंदाज में गोपाल भार्गव ने कार्यकर्ताओं को उदाहरण देते हुए कहा कि जब हाथी अपनी मस्त चाल चलता है तो कुत्ते भौंकते रहते हैं। उन्होंने कहा कि दो-चार चीटियां मिलकर गन्ने को नहीं खींच सकतीं। उनके इस बयान को कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और विरोधियों पर निशाना साधने से जोड़कर देखा जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान दिए गए इस बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि पूर्व मंत्री ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के लिए यह बात कही, जबकि सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे हालिया घटनाक्रम से जोड़कर देख रहे हैं।
दरअसल, कुछ दिन पहले गोपाल भार्गव से जुड़ा एक और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आया था। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति उनके गणनायक स्थित आवास के बाहर लगे बोर्ड पर 'स्वघोषित मुख्यमंत्री' लिखे होने वाला पंपलेट चिपकाता नजर आया था। इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं।
रहली में आयोजित सामाजिक कार्यक्रम के दौरान एक युवक ने मंच से इसी घटनाक्रम का जिक्र किया। इसके बाद गोपाल भार्गव ने अपने अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री है और उसे किसी के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। उनका यह जवाब अब सोशल मीडिया पर चर्चा का प्रमुख कारण बना हुआ है।
गोपाल भार्गव का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब पहले से ही उनके नाम को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं चल रही थीं। ऐसे में उनके 'हर भाजपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री है' वाले बयान को कुछ लोग 'स्वघोषित मुख्यमंत्री' वाले तंज के जवाब के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि, भार्गव ने अपने बयान में किसी व्यक्ति का नाम लेकर टिप्पणी नहीं की। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद उनके बयान को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हैं।